वाराणसी (रणभेरी): सावन माह के दौरान बाबा श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन और गंगाजल से जलाभिषेक के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों के वाराणसी पहुंचने की संभावना को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर विशेष व्यवस्थाएं लागू कर दी हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, भीड़ नियंत्रण और यात्री सुविधाओं को पहले से अधिक मजबूत बनाया जा रहा है, ताकि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।
स्टेशन प्रशासन के अनुसार पूरे सावन माह में श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। इसी क्रम में स्टेशन परिसर के सभी खान-पान केंद्रों पर केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार के मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पूरे महीने चलेगा विशेष सफाई अभियान
सावन के दौरान यात्रियों की भारी आवाजाही को देखते हुए स्टेशन परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाएगा। सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चौबीसों घंटे तीनों शिफ्टों में अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, फुटओवर ब्रिज, प्रवेश द्वार, शौचालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे स्टेशन परिसर पूरी तरह स्वच्छ बना रहे।
180 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्टेशन परिसर में लगाए गए 180 से अधिक हाईटेक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी। प्रवेश और निकास द्वार, प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया तथा प्रतीक्षालय सहित सभी संवेदनशील स्थानों की मॉनिटरिंग आधुनिक कंट्रोल रूम से रियल टाइम में की जाएगी।
इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। किसी भी आपात स्थिति, संदिग्ध गतिविधि अथवा भगदड़ जैसी परिस्थिति से तत्काल निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को भी पूरी अवधि के दौरान अलर्ट मोड पर रखा जाएगा।
यात्रियों की मदद के लिए हेल्प डेस्क और मेडिकल सुविधा
श्रद्धालुओं की सहायता के लिए स्टेशन पर विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। यहां यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी, टिकट संबंधी सहायता, ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) तथा मोबाइल यूटीएस सेवा से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी। जिला प्रशासन के सहयोग से स्टेशन परिसर में एंबुलेंस और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
अतिरिक्त भीड़ होने पर तुरंत चलाई जाएंगी स्पेशल ट्रेनें
रेलवे प्रशासन ने संभावित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले से विशेष रणनीति तैयार की है। इसके तहत एक से दो खाली ट्रेन रैक रिजर्व रखे जाएंगे। यदि किसी रूट पर यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ती है तो मंडल कार्यालय के निर्देश पर तत्काल स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके लिए दो विशेष रैक हर समय तैयार रहेंगे, जिनमें रेलवे कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी, ताकि आवश्यकता पड़ते ही बिना विलंब ट्रेन रवाना की जा सके।
कुंभ मेले की तर्ज पर बनाया जाएगा होल्डिंग एरिया
स्टेशन परिसर में भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए इस बार कुंभ मेले की तर्ज पर विशेष होल्डिंग एरिया तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना है, जिससे स्टेशन परिसर में एक साथ अत्यधिक भीड़ जमा न हो। भीड़ बढ़ने की स्थिति में यात्रियों को नियंत्रित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे अव्यवस्था और भगदड़ जैसी घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सके।
बेसहारा पशुओं और आवारा कुत्तों पर रहेगा नियंत्रण
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन जंक्शन और सर्कुलेटिंग एरिया को बेसहारा पशुओं तथा आवारा कुत्तों से मुक्त रखने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए नियमित निगरानी के साथ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सावन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए स्टेशन पर उपलब्ध सभी अग्निशामक यंत्रों तथा वाटर हाइड्रेंट की जांच पूरी कर ली गई है। सभी उपकरणों को पूरी तरह कार्यशील रखा गया है। स्टेशन परिसर में संचालित प्रत्येक स्टॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को निर्धारित क्षमता के अग्निशामक यंत्र रखने और उन्हें सक्रिय स्थिति में बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य प्रतिष्ठानों की गुणवत्ता पर विशेष नजर
रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसर में संचालित सभी खाद्य इकाइयों पर भी विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। जन आहार, फूड ट्रैक यूनिट, रेल कोच रेस्टोरेंट, फूड वैन, एग्जीक्यूटिव लॉबी स्थित फूड ट्रैक यूनिट सहित सभी खान-पान केंद्रों पर स्वच्छता, गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
रेलवे प्रशासन का कहना है कि सावन के पूरे महीने यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, भीड़ नियंत्रण और अतिरिक्त ट्रेनों जैसी व्यवस्थाओं के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
