(रणभेरी): शहर के साउथ मलाका इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित कारोबारी परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतकों में बुजुर्ग दंपती, उनका बेटा और बेटी शामिल हैं। कई दिनों तक घर से कोई गतिविधि न दिखने और दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इस भयावह घटना का खुलासा हुआ।
बदबू आने पर खुला राज
मंगलवार दोपहर स्थानीय निवासियों ने मकान से तेज दुर्गंध महसूस की। लोगों ने घर का दरवाजा खटखटाकर परिवार के सदस्यों को आवाज दी, लेकिन भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि ऊपरी मंजिल का प्रवेश द्वार बाहर से बंद था। ताला तोड़कर जब टीम अंदर पहुंची तो दृश्य बेहद भयावह था।

अलग-अलग कमरों में मिले शव
पुलिस को एक कमरे में परिवार के मुखिया वीरेंद्र कुमार वैश्य और उनकी पत्नी अनीता के शव मिले। पास के दूसरे कमरे में उनकी बेटी मीनाक्षी मृत अवस्था में पड़ी थी। प्रारंभिक जांच में तीनों के सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए। कमरे में खून के धब्बे भी मिले, जो सूख चुके थे, जिससे आशंका है कि वारदात कई दिन पहले हुई।
बेटे का शव दुकान में मिला
शुरुआत में परिवार के बेटे अभिषेक का कोई पता नहीं चला था। पुलिस को आशंका थी कि वह घटना के बाद फरार हो सकता है। हालांकि मकान की विस्तृत तलाशी के दौरान ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक बंद दुकान से चौथा शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान बाद में अभिषेक के रूप में की गई। दुकान बाहर से बंद थी, जिससे मामले ने और रहस्यमय रूप ले लिया।
घटनास्थल से मिला रहस्यमय संदेश
जांच के दौरान पुलिस को एक कमरे में रखा गत्ता मिला, जिस पर लिखा था—“बंटी, बबली और बहू ने मारा।” इस संदेश ने जांच एजेंसियों के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नामों का परिवार से क्या संबंध था और क्या यह संदेश किसी सुराग की ओर इशारा करता है।

करोड़ों की संपत्ति का मालिक था परिवार
मृतक वीरेंद्र कुमार वैश्य शहर के जाने-माने व्यवसायी बताए जाते हैं। उनका दो मंजिला मकान मुख्य चौराहे के पास स्थित है। भवन के निचले हिस्से में करीब 14 दुकानें बनी हैं, जिनमें अधिकांश किराए पर दी गई थीं। स्थानीय लोगों के अनुसार संपत्ति की अनुमानित कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है।
परिवार की बेटी मीनाक्षी गिफ्ट आइटम्स का कारोबार संभालती थी, जबकि अभिषेक सफाई और फ्लोर मेंटेनेंस से जुड़े कार्यों में सक्रिय था। दोनों भाई-बहनों का विवाह नहीं हुआ था।
रविवार के बाद नहीं दिखा परिवार
पड़ोसियों ने बताया कि परिवार के मुखिया को आखिरी बार रविवार को देखा गया था। इसके बाद परिवार का कोई सदस्य बाहर दिखाई नहीं दिया। माना जा रहा है कि घटना रविवार और मंगलवार के बीच किसी समय हुई होगी। हालांकि वास्तविक समय का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
जेल में बंद है परिवार का छोटा बेटा
परिवार का एक अन्य बेटा अश्विनी वर्तमान में कौशांबी जेल में बंद है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उस पर धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। बताया जाता है कि वह अपनी पत्नी रितु के साथ विवादों में रहा है। इसी कारण जांच एजेंसियां परिवार के सामाजिक और आर्थिक संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं।
कई पहलुओं पर जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस संपत्ति विवाद, पारिवारिक रंजिश, आर्थिक लेनदेन और व्यक्तिगत संबंधों सहित सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला शहर के सबसे चर्चित और रहस्यमय हत्याकांडों में शामिल हो गया है।
