(रणभेरी): रेलवे के टीआरएस (ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक) शेड में शनिवार सुबह एक गंभीर हादसा हो गया। शेड में काम के दौरान क्रेन का केबल अचानक टूट गया, जिससे उसकी भारी पुल्ली नीचे काम कर रहे एक तकनीशियन के ऊपर जा गिरी। हादसे में तकनीशियन गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद शेड परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। सहकर्मियों ने तत्काल घायल कर्मचारी को इलाज के लिए वाराणसी के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घायल कर्मचारी की पहचान अलीनगर थाना क्षेत्र के जंसो की मड़ई निवासी प्रमोद कुमार यादव (50) के रूप में हुई है। वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन स्थित टीआरएस शेड के ई-3 सेक्शन में तकनीशियन के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह वह रोज की तरह अपने काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान शेड में इस्तेमाल की जा रही क्रेन का केबल अचानक टूट गया और क्रेन की भारी पुल्ली तेजी से नीचे आ गिरी। इसकी चपेट में आने से प्रमोद कुमार के सिर में गंभीर चोट लग गई।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने राहत कार्य शुरू किया और घायल कर्मचारी को शेड से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। रेलवे की ओर से मामले की जांच की जा रही है।
जर्जर केबल को लेकर कर्मचारियों ने उठाए सवाल
हादसे के बाद टीआरएस शेड के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। नाराज रेलकर्मियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि जिस क्रेन से यह हादसा हुआ, उसका केबल लंबे समय से खराब हालत में था। इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को कई बार दी गई थी, लेकिन समय रहते उसे बदला नहीं गया। कर्मचारियों ने कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन लापरवाही के कारण एक कर्मचारी की जान खतरे में पड़ गई। उनका आरोप है कि यदि क्रेन के पुराने केबल को समय रहते बदल दिया जाता तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
प्रदर्शन कर रहे रेलकर्मियों ने मांग की कि शेड में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों की जांच कराई जाए और खराब उपकरणों को तुरंत बदला जाए। साथ ही उन्होंने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग भी उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यस्थल पर नियमित निरीक्षण और रखरखाव व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की।
घटना के कारण टीआरएस शेड का कामकाज कुछ समय के लिए प्रभावित रहा। अधिकारियों के पहुंचने और कर्मचारियों से बातचीत के बाद स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया। वहीं घायल तकनीशियन का अस्पताल में इलाज जारी है। रेलकर्मियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सुरक्षा में हुई चूक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
