(रणभेरी): राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले चल रहे प्रदर्शन के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब पुलिस ने आंदोलन स्थल को खाली कराते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया। पुलिस ने मंच और टेंट हटाने की कार्रवाई की, जिसके बाद प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस की ओर बढ़ गए। वहां भी पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हुए भीड़ को तितर-बितर कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घायल प्रदर्शनकारियों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भेजा गया।

सुबह करीब आठ बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन करीब दस बजे स्थिति उस समय बदल गई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग हटाकर संसद मार्ग की ओर बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन भीड़ आगे बढ़ती रही, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों का एक समूह संसद परिसर के नजदीक तक पहुंच गया और आगे बढ़ने की कोशिश की। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए संसद भवन के मुख्य प्रवेश द्वार की सुरक्षा कड़ी कर दी। एहतियातन मुख्य गेट बंद कर दिया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने भीड़ को पीछे धकेलने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद प्रदर्शनकारी अलग-अलग दिशाओं में बिखर गए और कुछ देर बाद इलाके में हालात सामान्य होने लगे।
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया कि उसके प्रमुख नेता अभिजीत दीपके को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी प्रमुख नेता को हिरासत में नहीं लिया गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

घटनाक्रम के दौरान संसद का मानसून सत्र जारी था और प्रधानमंत्री सहित सभी सांसद सदन की कार्यवाही में मौजूद थे। संसद की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और पूरे परिसर की निगरानी बढ़ा दी।
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात की। पार्टी के प्रतिनिधियों का दावा है कि बैठक के दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया कि जंतर-मंतर और उसके आसपास फिलहाल कोई नई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, इस संबंध में सरकार या पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की समीक्षा कर रही हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है।
