बकाया बिल 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा, जून से आएगा नया बिल सिस्टम
वाराणसी (रणभेरी): प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को फिर से पोस्टपेड मोड में बदलने का आदेश जारी कर दिया है। यूपी पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार ने गुरुवार को सभी वितरण खंडों को इस संबंध में निर्देश भेज दिए। इसके तहत मई माह की बिजली खपत का बिल जून में पोस्टपेड व्यवस्था के तहत जारी होगा। बिल पहले की तरह हर महीने की 10 तारीख को जनरेट किया जाएगा।
कॉरपोरेशन के आदेश के अनुसार उपभोक्ताओं को पोस्टपेड सिक्योरिटी राशि चार समान किस्तों में जमा करनी होगी। इसकी पहली किस्त जून में आने वाले बिल के साथ देनी होगी, जबकि शेष तीन किस्तें अगले तीन महीनों में स्वतः जोड़ दी जाएंगी। बिजली बिल उपभोक्ताओं को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे जाएंगे।
पावर कॉरपोरेशन ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देते हुए 30 अप्रैल तक के बकाया बिजली बिल को अधिभार सहित 10 समान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी है। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया राशि 40 फीसद, 30 फीसद और 30 फीसद के अनुपात में तीन किस्तों में जमा करनी होगी।
नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। इसके बाद सात दिन की डिस्कनेक्शन अवधि तय की जाएगी, जिसकी जानकारी बिल पर अंकित रहेगी। निर्धारित समय तक भुगतान न होने पर पूर्व की तरह पेनॉल्टी भी देनी होगी। 15 मई से विभाग की ओर से विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे।
बिल की शिकायतों के लिए 15 मई से विशेष कैंप
चेयरमैन ने सभी बिजली कंपनियों को आदेश दिया है कि बिल बकाया राशि को लेकर लोगों की ढेरों शिकायतें हैं। इनके निराकरण के लिए 15 मई से 30 जून तक सभी अधिशाासी अभियंता और उपखंड अधिकारियों के कार्यालयों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा 1912 हेल्पलाइन नंबर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
आदेश में दिए गए ये निर्देश
- स्मार्ट मीटर के सभी उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक बिल जारी होगा।
- स्मार्ट मीटर से ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिलती है। इसलिए हर महीने की 5 तारीख तक सभी की मैनुअल रीडिंग कराई जाएगी।
- उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड न होने या गलत दर्ज होने से भी बिल नहीं पहुंच पाता। इसके लिए विभाग ने वॉट्सएप नंबर जारी किए हैं, जिन पर कनेक्शन संख्या बता कर बिल पा सकते हैं।
