वाराणसी में फर्जी ट्रेडिंग कॉल सेंटर पर पुलिस का बड़ा शिकंजा, 32 लोग गिरफ्तार; करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा

वाराणसी में फर्जी ट्रेडिंग कॉल सेंटर पर पुलिस का बड़ा शिकंजा, 32 लोग गिरफ्तार; करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा

वाराणसी (रणभेरी): साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वाराणसी पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने गुरुवार देर शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज स्थित शाही टावर में संचालित एक संदिग्ध कॉल सेंटर पर छापेमारी की। पुलिस ने इस दौरान 21 युवतियों और 11 युवकों सहित कुल 32 लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से बड़ी संख्या में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

गुप्त योजना के तहत की गई कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई की तैयारी कई दिनों से की जा रही थी। साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने अपनी पहचान छिपाकर संभावित निवेशक और ट्रेडर के रूप में गिरोह से संपर्क किया। बातचीत के दौरान आरोपियों ने उन्हें भारी मुनाफे का भरोसा दिलाते हुए करोड़ों रुपये निवेश करने के लिए तैयार करने का प्रयास किया।

सूत्रों के अनुसार पुलिस टीम ने लगभग 10 करोड़ रुपये के निवेश की इच्छा जताई, जिसके बाद कॉल सेंटर संचालकों ने निवेश से जुड़े दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करानी शुरू कर दीं। इसी दौरान टीम ने पूरे नेटवर्क, काम करने के तरीके और कॉलिंग सिस्टम की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे बनाया जाता था भरोसा

जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर में कार्यरत कर्मचारी खुद को नामी मल्टीनेशनल कंपनियों का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे। ग्राहकों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें नकली प्रमाणपत्र, फर्जी कंपनी प्रोफाइल और आकर्षक निवेश योजनाएं दिखाई जाती थीं।

आरोपी निवेश पर कम समय में कई गुना लाभ का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। जब ग्राहक भरोसा कर रकम निवेश कर देता था, तब विभिन्न माध्यमों से उससे लगातार धनराशि वसूली जाती थी।

भारत ही नहीं, विदेशों में भी फैला था नेटवर्क

प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह केवल भारतीय नागरिकों को ही नहीं बल्कि विदेशी लोगों को भी निशाना बनाता था। पुलिस को आशंका है कि अमेरिका समेत कई देशों के नागरिकों से भी ऑनलाइन ट्रेडिंग, तकनीकी सहायता (कस्टमर सपोर्ट) और अन्य डिजिटल सेवाओं के नाम पर ठगी की गई। बताया जा रहा है कि कुछ आरोपी खुद को बड़ी टेक कंपनियों का सपोर्ट एजेंट बताकर लोगों को फोन करते थे और फिर उन्हें अलग-अलग बहानों से पैसे जमा कराने के लिए प्रेरित करते थे।

देर रात छापेमारी से मचा हड़कंप

गुरुवार रात करीब नौ बजे पुलिस की संयुक्त टीम ने कॉल सेंटर को चारों ओर से घेर लिया। अचानक हुई कार्रवाई से वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। किसी को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और पूरी टीम को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस ने मौके से कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, डिजिटल रिकॉर्ड, कॉलिंग डेटा और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सभी उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

डिजिटल साक्ष्यों की होगी गहन जांच

जांच एजेंसियां जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का विश्लेषण कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैला हुआ था, कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया तथा अवैध रूप से प्राप्त धनराशि कहां भेजी गई। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों से गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित सरगनाओं की पहचान भी हो सकती है।

पुलिस की कई टीमों ने संभाला मोर्चा

इस कार्रवाई के दौरान साइबर क्राइम टीम के अलावा भेलूपुर क्षेत्र के पुलिस अधिकारी, दो थाना क्षेत्रों की पुलिस, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तथा वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

पूछताछ जारी, बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां

फिलहाल गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के पीछे कौन लोग हैं, इसके वित्तीय स्रोत क्या हैं और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही है। जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस की अपील

साइबर अपराध से बचाव के लिए पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या कंपनी के कहने पर ऑनलाइन निवेश न करें। निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी की वैधता की पूरी जांच करें और अधिक मुनाफे का लालच देने वाले प्रस्तावों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *