वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय में इस सत्र करीब 1500 नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को शोध कार्यक्रम में प्रवेश दिए जाने की तैयारी है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मंगलवार देर रात से शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 21 अक्टूबर तक विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन से लेकर दाखिले तक की पूरी प्रक्रिया के लिए लगभग दो माह का कार्यक्रम तय किया है। आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को 15 दिन की अवधि दी गई है। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 22 और 23 अक्टूबर को अभ्यर्थियों को अपने फॉर्म में आवश्यक संशोधन करने का अवसर मिलेगा।
29 अक्टूबर से डाउनलोड होंगे इंटरव्यू कॉल लेटर
पीएचडी प्रवेश के लिए पात्र अभ्यर्थियों के इंटरव्यू कॉल लेटर 29 से 31 अक्टूबर के बीच डाउनलोड किए जा सकेंगे। इसके बाद संबंधित विभागों, केंद्रों और स्कूलों में 12 से 19 नवंबर तक साक्षात्कार की प्रक्रिया आयोजित होगी। इसी दौरान अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम चरणबद्ध तरीके से 25 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच जारी किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों को 16 दिसंबर को संबंधित विभाग, केंद्र या स्कूल में पहुंचकर प्रवेश संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
जेआरएफ, नेट और डायरेक्ट एडमिशन के विकल्प
विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश व्यवस्था में इस बार भी तीन श्रेणियों के माध्यम से अभ्यर्थियों को प्रवेश का अवसर मिलेगा। इनमें जेआरएफ, नेट और सीधा प्रवेश शामिल हैं।
जेआरएफ श्रेणी में यूजीसी, सीएसआईआर, आईसीएमआर, डीबीटी समेत अन्य मान्य राष्ट्रीय एजेंसियों से जूनियर रिसर्च फेलोशिप हासिल करने वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश से जुड़ी पात्रता, सीटों और अन्य नियमों की विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना बुलेटिन में उपलब्ध कराई गई है।
परीक्षा नियंता कार्यालय ने अभ्यर्थियों से कहा है कि आवेदन से लेकर प्रवेश तक किसी भी बदलाव या नई सूचना के लिए विश्वविद्यालय के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर नजर बनाए रखें।
16 संकायों में उपलब्ध होंगे शोध के अवसर
बीएचयू में इस बार पीएचडी प्रवेश विश्वविद्यालय के 16 प्रमुख संकायों में कराया जाएगा। इनमें कृषि विज्ञान, कला, आयुर्वेद, वाणिज्य, दंत चिकित्सा, शिक्षा, पर्यावरण एवं सतत विकास, विधि, प्रबंधन अध्ययन, चिकित्सा, परफॉर्मिंग आर्ट्स, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान और दृश्य कला के क्षेत्र शामिल हैं।
फुलटाइम पीएचडी के लिए 2500 रुपये शुल्क
फुलटाइम पीएचडी में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए एकमुश्त रजिस्ट्रेशन शुल्क 2500 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक सेमेस्टर 2000 रुपये शुल्क देना होगा। इसमें 1000 रुपये अकादमिक और 1000 रुपये विकास शुल्क के रूप में निर्धारित हैं।
वहीं, एक्सटर्नल पीएचडी अभ्यर्थियों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क 10 हजार रुपये रखा गया है। छह वर्ष की अवधि वाले पाठ्यक्रम में प्रत्येक सेमेस्टर चार हजार रुपये शुल्क निर्धारित है, जबकि रजिस्ट्रेशन के लिए पांच हजार रुपये देने होंगे।
