वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के मधुबन गार्डन में शुक्रवार को NSUI की बीएचयू इकाई ने चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा के मुद्दे पर एक दिवसीय उपवास किया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस कार्यक्रम के जरिए संगठन ने लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष चुनाव और नागरिकों के मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखने की मांग की।
उपवास में छात्र-छात्राओं के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाले लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। साथ ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में भी आवाज उठाई गई। आयोजकों ने अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण पर जोर दिया।

NSUI-BHU इकाई के अध्यक्ष मुरारी कुमार ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग से जुड़े विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में उपवास आयोजित किया गया। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में हर नागरिक के वोट का सम्मान होना चाहिए।
कार्यक्रम में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को लोकतंत्र के लिए आवश्यक बताते हुए नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की जरूरत पर बल दिया। NSUI के पदाधिकारियों ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और जनता के मत की अहमियत सुनिश्चित करना जरूरी है। संगठन के अनुसार, उपवास का उद्देश्य इन मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करना था।
