बेगमपुरा एक्सप्रेस से पंजाब से रवाना, प्राकट्योत्सव की तैयारियों का लेंगे जायजा
वाराणसी (रणभेरी)। बीएचयू के पीछे स्थित सीरगोवर्धन गांव इन दिनों सचमुच मिनी पंजाब में तब्दील नजर आ रहा है। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के प्राकट्योत्सव के अवसर पर यहां भक्ति, सेवा और उत्साह का अद्भुत संगम दिखाई दे रहा है। एक फरवरी को होने वाली गुरु रविदास जयंती को लेकर तैयारियां चरम पर हैं और देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन तेज हो गया है।
हर वर्ष की तरह इस बार भी तीन दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लाखों रैदासी श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर को रंग-रोगन कर चमका दिया गया है, जबकि आकर्षक झालरों और रोशनी से सजी सजावट रात में पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक आभा से भर दे रही है। संगत के लिए भजन-कीर्तन और गुरुवाणी का अखंड स्वर माहौल को भक्तिमय बना रहा है।

रैदासिया समुदाय के प्रमुख धर्मगुरु और डेरा सचखंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास महाराज शुक्रवार को लगभग दो हजार अनुयायियों की संगत के साथ काशी पहुंचेंगे। वे पंजाब से विशेष बेगमपुरा एक्सप्रेस के जरिए वाराणसी के लिए रवाना हो चुके हैं। यह ट्रेन वर्षों से रविदास जयंती पर श्रद्धालुओं को लेकर काशी आती रही है और समुदाय की आस्था का प्रतीक बन चुकी है। संत निरंजन दास यहां प्राकट्योत्सव की तैयारियों का जायजा भी लेंगे।

मेला क्षेत्र लगभग दो किलोमीटर तक फैल चुका है, जहां सैकड़ों अस्थायी दुकानें सज गई हैं। खानपान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, धार्मिक साहित्य और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर रौनक बढ़ती जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाले विशाल लंगर की शुरुआत भी हो चुकी है, जिसमें हर आने वाले श्रद्धालु को नि:शुल्क भोजन कराया जा रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए टेंट सिटी बसाई जा रही है।
बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने के लिए स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपने घरों के दरवाजे खोल दिए हैं। कई परिवार खुद एक कमरे में सिमटकर बाकी कमरों को किराए पर दे रहे हैं। तीन दिनों के प्रवास के लिए पांच से दस हजार रुपये तक किराया लिया जा रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन भी अलर्ट है। तीन जिलों की पुलिस फोर्स तैनात की जा रही है और मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

दर्शन, सत्संग और लोकार्पण का कार्यक्रम
श्री रविदास जन्मस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट सीर गोवर्धन के ट्रस्टी निरंजन चिमा ने बताया कि संत निरंजन दास महाराज शुक्रवार को मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। 31 जनवरी को वे मेला क्षेत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे, लगाए गए टेंटों का निरीक्षण करेंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इसी दिन 30 वातानुकूलित कमरों का लोकार्पण भी किया जाएगा।
एक फरवरी को गुरु रविदास के प्राकट्योत्सव के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन होगा तथा संत निरंजन दास महाराज सत्संग के दौरान अपने विचार रखेंगे।दो फरवरी को दोपहर बाद वे संगत के साथ काशी से प्रस्थान करेंगे।

25 वर्षों से काशी आ रही है बेगमपुरा ट्रेन
श्री रविदास जन्मस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजर रणवीर सिंह ने बताया कि संत निरंजन दास महाराज पिछले 25 वर्षों से बेगमपुरा स्पेशल ट्रेन से काशी आते रहे हैं। सन् 2002 से रेल मंत्रालय से पांच दिनों के लिए ट्रेन की बुकिंग कराई जाती है, जिस पर करीब 50 से 60 लाख रुपये का खर्च आता है। यह ट्रेन जालंधर से वाराणसी आती है और प्राकट्योत्सव तक यहां खड़ी रहती है।
शीर्ष राजनेताओं को भेजा गया आमंत्रण
गुरु रविदास प्राकट्योत्सव में शामिल होने के लिए देश के शीर्ष राजनेताओं को भी आमंत्रण भेजा गया है। ट्रस्ट की ओर से प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश और पंजाब के मुख्यमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी,सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी, मायावती सहित कई प्रमुख नेताओं, जनप्रतिनिधियों और विदेशों में रह रहे रैदासी प्रवासी भारतीयों को निमंत्रण दिया गया है। कुछ लोगों की सहमति भी प्राप्त हो चुकी है।
