वाराणसी (रणभेरी): लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संचालित होने वाली स्पाइसजेट की सभी नियमित उड़ान सेवाएं अब अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई हैं। बढ़ती परिचालन लागत और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की लगातार ऊंची होती कीमतों के बीच एयरलाइन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कंपनी के इस फैसले के बाद वाराणसी से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को आने वाले समय में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अब तक वाराणसी एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 14 से 15 उड़ानों का संचालन करने वाली स्पाइसजेट ने अपनी अंतिम नियमित सेवाएं भी समाप्त कर दी हैं। गुरुवार शाम को मुंबई के लिए रवाना हुई उड़ान संख्या SG-506 कंपनी की वाराणसी से अंतिम नियमित उड़ान साबित हुई। इसके साथ ही शुक्रवार से एयरलाइन का स्थानीय संचालन पूरी तरह बंद हो गया।
जानकारी के अनुसार कंपनी ने अपने विमानों को फिलहाल दिल्ली और मुंबई स्थित हैंगरों में स्थानांतरित कर दिया है। इससे पहले एयरलाइन ने यह स्पष्ट कर दिया था कि 25 जून के बाद वाराणसी से उसकी कोई नियमित सेवा संचालित नहीं होगी।
कई प्रमुख शहरों के लिए उपलब्ध थीं सेवाएं
स्पाइसजेट लंबे समय से वाराणसी को देश के कई प्रमुख शहरों से जोड़ रही थी। एयरलाइन की उड़ानें दिल्ली, मुंबई, पुणे सहित अन्य प्रमुख गंतव्यों के लिए संचालित की जा रही थीं। कंपनी की सेवाएं बंद होने से यात्रियों के पास उपलब्ध विकल्पों की संख्या घट गई है।
हालांकि फिलहाल अन्य एयरलाइंस अपनी सेवाएं जारी रखे हुए हैं। वर्तमान में वाराणसी एयरपोर्ट से इंडिगो, एयर इंडिया तथा आकासा एयर मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु और अन्य शहरों के लिए उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
बढ़ती ईंधन लागत का असर पूरे विमानन क्षेत्र पर
पिछले कुछ महीनों में विमान ईंधन यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी गई है। इसका सीधा प्रभाव एयरलाइंस के संचालन खर्च पर पड़ा है। एयरलाइन कंपनियों के लिए कई रूट आर्थिक दृष्टि से कम लाभदायक होते जा रहे हैं, जिसके कारण कंपनियां अपने नेटवर्क और उड़ानों की समीक्षा करने को मजबूर हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि परिचालन खर्च बढ़ने के साथ-साथ यात्रियों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है। महंगे टिकटों के कारण कई लोग वैकल्पिक यात्रा साधनों की ओर भी रुख कर रहे हैं।
पहले भी कई उड़ानें हो चुकी हैं प्रभावित
हवाई सेवाओं में कटौती का असर केवल स्पाइसजेट तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ समय में अन्य एयरलाइंस ने भी वाराणसी से संचालित कई उड़ानों में बदलाव किया है।इंडिगो ने हैदराबाद और बेंगलुरु मार्ग पर अपनी कुछ सेवाएं बंद की हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मुंबई और बेंगलुरु के लिए संचालित उड़ानों में कटौती की है। इसके अलावा स्पाइसजेट पहले ही दिल्ली और पुणे रूट की सेवाएं बंद कर चुकी थी। अब मुंबई सेवा भी समाप्त हो गई है।
वहीं आकासा एयर भी आगामी महीने से बेंगलुरु मार्ग पर अपनी कुछ उड़ानें बंद करने की तैयारी में है। एयर इंडिया ने भी कुछ निर्धारित सेवाओं में परिवर्तन किया है। लगातार उड़ानों में कमी से वाराणसी से यात्रा करने वाले लोगों के सामने विकल्प सीमित होते जा रहे हैं।
यात्रियों पर बढ़ सकता है अतिरिक्त आर्थिक बोझ
विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी मार्ग पर उड़ानों की संख्या कम होती है तो उपलब्ध सीटों पर दबाव बढ़ जाता है। इसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ता है। ऐसे में आने वाले समय में मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य महानगरों के लिए यात्रा महंगी हो सकती है।विशेष रूप से त्योहारों, छुट्टियों और व्यस्त सीजन के दौरान यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने में कठिनाई हो सकती है। सीमित उड़ान सेवाओं के कारण यात्रियों को पहले से यात्रा की योजना बनानी पड़ सकती है।
हवाई यात्रा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि ईंधन लागत में राहत नहीं मिली और मांग में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, तो अन्य एयरलाइंस भी अपने संचालन ढांचे में बदलाव कर सकती हैं। आने वाले समय में वाराणसी एयरपोर्ट की उड़ान व्यवस्था पर सभी की नजर बनी रहेगी।
