वाराणसी (रणभेरी): काशी में मंगलवार देर रात कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने के बावजूद मौसम में अपेक्षित राहत देखने को नहीं मिली। बुधवार सुबह तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन वातावरण में बनी नमी और गर्म हवाओं के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के समय तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिनों की तुलना में थोड़ा कम रहा, हालांकि मौसम अब भी असहज बना हुआ है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि रात में हुई हल्की वर्षा के कारण तापमान में सीमित कमी आई है, लेकिन गर्म हवाओं और उच्च आर्द्रता के चलते लोगों को राहत महसूस नहीं हो रही है। वर्तमान समय में शहर में लगभग 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, जबकि वातावरण में नमी का स्तर करीब 49 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है गर्मी
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में फिलहाल गर्म और शुष्क मौसम का प्रभाव बना रहेगा। विभाग का कहना है कि 27 जून तक वाराणसी सहित आसपास के जिलों में लू जैसी परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान दिन के समय तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है और लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 28 जून के बाद परिस्थितियों में बदलाव शुरू हो सकता है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने से क्षेत्र में बारिश की संभावना बढ़ेगी, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
देश के सबसे गर्म शहरों में बना हुआ है वाराणसी
पिछले कई दिनों से वाराणसी देश के सबसे अधिक तापमान वाले शहरों की सूची में लगातार शामिल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार शहर का स्थान लगातार दूसरे से चौथे नंबर के बीच बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सूर्य की सीधी किरणें कर्क रेखा के आसपास पड़ रही हैं, जिसका प्रभाव पूर्वांचल के क्षेत्रों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
भौगोलिक स्थिति के कारण वाराणसी में इन दिनों सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की जा रही है। यही वजह है कि दिन और रात दोनों समय तापमान सामान्य स्तर से ऊपर बना हुआ है।

जून के अंतिम सप्ताह तक नहीं पहुंचा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पिछले लगभग एक दशक में यह पहला अवसर है जब जून का अंतिम सप्ताह शुरू होने के बावजूद मानसून वाराणसी तक नहीं पहुंच सका है। सामान्य परिस्थितियों में इस समय तक क्षेत्र में मानसून की सक्रियता दिखाई देने लगती है और कई स्थानों पर अच्छी वर्षा भी हो जाती है।
इस वर्ष मानसून की रफ्तार धीमी रहने के कारण किसानों के साथ-साथ आम लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बढ़ती गर्मी और बारिश में देरी के चलते लोगों को मानसून का इंतजार है।
मंगलवार को दर्ज हुआ सामान्य से काफी अधिक तापमान
मंगलवार को वाराणसी देश के सबसे गर्म शहरों में तीसरे स्थान पर रहा। मौसम विभाग के अनुसार शहर का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 5.6 डिग्री अधिक था। वहीं न्यूनतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से करीब 3.8 डिग्री ज्यादा रहा।
दिनभर लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलती रहीं। इसके साथ ही वातावरण में नमी का स्तर 50 प्रतिशत तक पहुंचने से लोगों को उमस की दोहरी मार झेलनी पड़ी। दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दी और लोग तेज धूप से बचने का प्रयास करते रहे।
मानसून की धीमी चाल बढ़ा रही चिंता
उत्तर प्रदेश मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की प्रगति फिलहाल अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है। हालांकि मानसून आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इसके पहुंचने की गति और समय को लेकर अभी स्पष्ट अनुमान लगाना कठिन है।
विशेषज्ञों के मुताबिक वर्तमान मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए अगले तीन से चार दिनों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी और लू का प्रभाव बना रह सकता है। इसके बाद मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी मिलने पर वर्षा की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
लोगों की नजरें मानसून पर
लगातार बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम के बीच वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लोग अब मानसून के आगमन का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के अंतिम दिनों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और अच्छी बारिश होने की संभावना बन सकती है।
यदि अनुमान सही साबित होता है तो तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल शहरवासियों को कुछ और दिनों तक गर्म मौसम और उमस का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।
