(रणभेरी): शराब के नशे में पत्नी और अपनी ही दो मासूम बेटियों की निर्मम हत्या करने वाले एक व्यक्ति को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कठोरतम सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को फांसी की सजा सुनाते हुए 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अपराध की प्रकृति अत्यंत अमानवीय और क्रूर है, इसलिए आरोपी को अंतिम दंड दिया जाना उचित है।
यह मामला जुलाई 2023 का है, जब महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र के समदनगर मोहल्ले में रहने वाले देवेंद्र विश्वकर्मा ने शराब के नशे में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ऐसा भयावह कृत्य किया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया था। बताया जाता है कि आरोपी शराब का आदी था और इसी कारण घर में अक्सर विवाद होते रहते थे। पत्नी के साथ उसका लगातार झगड़ा होता था और वह अपनी दोनों बेटियों के साथ भी दुर्व्यवहार करता था।
घटना वाले दिन, 17 जुलाई 2023 को देवेंद्र शराब पीकर घर लौटा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर पत्नी राजकुमारी से उसका विवाद शुरू हो गया, जो धीरे-धीरे हिंसक रूप ले बैठा। घर के अंदर दोनों बच्चियां—9 वर्षीय आरुषि और 6 वर्षीय सोनाक्षी—कमरे में सो रही थीं।
गुस्से में आकर आरोपी ने घर में रखे सिलबट्टे से पत्नी पर हमला कर दिया। इसके बाद उसने सो रही दोनों मासूम बेटियों पर भी बेरहमी से वार किया। इस हमले में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी घर से फरार हो गया, जिसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की। अगले ही दिन पुलिस ने आरोपी देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप राजपूत ने मजबूत दलीलें पेश कीं। अदालत में कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें पुलिसकर्मी, चिकित्सक और मृतका के परिजन शामिल थे।
हालांकि घटनास्थल पर कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था, लेकिन फॉरेंसिक जांच में मिले साक्ष्य आरोपी के खिलाफ निर्णायक साबित हुए। सबूतों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद क्षेत्र में इस दर्दनाक घटना को लेकर गहरा आक्रोश और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
