प्रधानमंत्री पर विवादित टिप्पणी के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, सपा सांसद के खिलाफ जताया आक्रोश

प्रधानमंत्री पर विवादित टिप्पणी के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, सपा सांसद के खिलाफ जताया आक्रोश

वाराणसी (रणभेरी): जिला मुख्यालय पर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से समाजवादी पार्टी के हमीरपुर-महोबा क्षेत्र से सांसद द्वारा प्रधानमंत्री के संबंध में दिए गए कथित विवादित बयान के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर नारेबाजी की और सांसद के बयान को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत बताया।

कार्यक्रम का नेतृत्व महिला मोर्चा की पदाधिकारी निर्मला सिंह पटेल और कुसुम पटेल ने किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद पर बैठे प्रधानमंत्री के खिलाफ जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया गया, वह न केवल राजनीतिक शिष्टाचार के विरुद्ध है बल्कि लोकतंत्र की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी से महिलाओं सहित आम नागरिकों में भी नाराजगी देखी जा रही है।

प्रधानमंत्री पर विवादित टिप्पणी के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, सपा सांसद के खिलाफ जताया आक्रोश

महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया और संबंधित सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है।

सभा को संबोधित करते हुए महिला नेताओं ने कहा कि भारतीय राजनीति में संवाद और शालीनता की परंपरा रही है, जिसे बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता राजनीतिक लाभ के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।

प्रधानमंत्री पर विवादित टिप्पणी के विरोध में भाजपा महिला मोर्चा का प्रदर्शन, सपा सांसद के खिलाफ जताया आक्रोश

इस विरोध प्रदर्शन में गीता शास्त्री, साधना पाण्डेय, विभव सिंह, रीना पात्रों, सबा परवीन, सुरेखा सिंह, नरगिस, मुमताज बानो, रेखा सोनी और सारिका सेठ सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की टिप्पणियों पर रोक नहीं लगी तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा।

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