नमो घाट पर गंगा में डूबे बिहार के दो किशोर, पॉलिटेक्निक परीक्षा देने वाराणसी आए थे

नमो घाट पर गंगा में डूबे बिहार के दो किशोर, पॉलिटेक्निक परीक्षा देने वाराणसी आए थे

वाराणसी (रणभेरी): शहर के नमो घाट पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में बिहार से आए दो किशोर गंगा नदी में डूब गए। दोनों युवक वाराणसी में पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा देने पहुंचे थे। स्नान के दौरान वे गहरे पानी में चले गए, जिससे उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सूचना मिलने पर पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसके बाद दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए।

सुबह स्नान के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले तीन किशोर बुधवार तड़के नमो घाट पहुंचे थे। इनमें 17 वर्षीय राजीव रंजन, 16 वर्षीय आयुष कुमार और 15 वर्षीय आदित्य कुमार शामिल थे। सुबह करीब साढ़े पांच बजे राजीव और आयुष घाट के समीप गंगा में स्नान करने के लिए उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही देर में दोनों युवक गहराई वाले हिस्से की ओर पहुंच गए और संतुलन खो बैठे।

जब दोनों को डूबता देखा गया तो उनके साथ मौजूद साथी आदित्य और घाट पर मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण प्रयास सफल नहीं हो सका। देखते ही देखते दोनों किशोर पानी में लापता हो गए।

सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर आदमपुर थाना पुलिस, एनडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद गंगा में खोज अभियान शुरू किया गया। करीब एक घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद दोनों किशोरों के शव नदी से बरामद कर लिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि शवों को बाहर निकालकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और बाद में पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया।

परीक्षा देने आए थे वाराणसी

बताया जा रहा है कि मृतक किशोर वाराणसी में आयोजित पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए बिहार से आए थे। परीक्षा से पहले वे गंगा स्नान के लिए नमो घाट पहुंचे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

घटना की जानकारी जैसे ही परिजनों को मिली, परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन तत्काल वाराणसी के लिए रवाना हो गए। हादसे के बाद घाट पर मौजूद लोगों में भी गहरा दुख और चिंता देखी गई।

लगातार हो रहे हादसों पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि नमो घाट पर पहले भी डूबने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद कई श्रद्धालु और पर्यटक सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी करते हुए गहरे पानी तक चले जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि घाट पर अतिरिक्त चेतावनी संकेत, सुरक्षा बैरिकेडिंग और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

घाट पर जुटी भीड़, छाया रहा मातम

हादसे के बाद नमो घाट पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। पुलिस ने लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और नदी के गहरे हिस्सों में न जाने की अपील की। रेस्क्यू अभियान पूरा होने तक घाट क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि स्नान के दौरान निर्धारित सुरक्षा सीमाओं का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *