(रणभेरी): उन्नाव जिले से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी की वाराणसी स्थित मानसिक चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल के वार्ड में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, निहाल खेड़ा गंगाघाट निवासी राहुल निषाद (पुत्र विमल निषाद) को वर्ष 2025 में दर्ज एक छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिला कारागार उन्नाव में रहने के दौरान उसकी मानसिक स्थिति अस्थिर होने पर चिकित्सकीय जांच कराई गई, जिसमें मानसिक बीमारी की आशंका सामने आई।
इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा, जहां विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) ने 23 मार्च 2026 को उसे बेहतर उपचार के लिए वाराणसी स्थित राज्य मानसिक चिकित्सालय भेजने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में 24 मार्च 2026 को जेल प्रशासन ने उसे उपचार हेतु उक्त अस्पताल में भर्ती कराया था।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मरीज का नियमित उपचार चल रहा था और उसे दवाएं दी जा रही थीं। मंगलवार की रात उसने सामान्य रूप से भोजन भी किया था और बाद में अपने वार्ड में आराम करने चला गया। इसी दौरान देर रात अचानक उसे सीने में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत हुई।
स्थिति गंभीर होते ही चिकित्सकीय टीम ने उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड में स्थानांतरित किया, लेकिन सभी प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। वहीं, घटना की जानकारी उन्नाव में परिजनों को दे दी गई है। अभी तक परिवार के सदस्य वाराणसी नहीं पहुंचे हैं, हालांकि मृतक की मां ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि राहुल निषाद लंबे समय से सिज़ोफ्रेनिया जैसी मानसिक समस्या से पीड़ित था और उसका उपचार चिकित्सकीय निगरानी में चल रहा था। मामले में आगे की कानूनी और पोस्टमार्टम संबंधी कार्रवाई की जा रही है।
