वाराणसी (रणभेरी): कोतवाली थाना परिसर में शनिवार को प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों के लिए विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। अग्निशमन विभाग की टीम ने पुलिसकर्मियों को आग लगने और अन्य आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य करने के तरीके बताए। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आम लोगों की सुरक्षा के साथ अपनी जान बचाने को लेकर भी जरूरी सावधानियां समझाई गईं।
प्रशिक्षण में बताया गया कि किसी भी हादसे की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मियों को सबसे पहले घटनास्थल की स्थिति का आकलन करना चाहिए। खतरे की पहचान करने के बाद राहत और बचाव की प्राथमिकता तय कर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कम से कम समय में अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके।
आग और धुएं से बचाव के बताए तरीके
अग्निशमन विभाग की टीम ने आग लगने की स्थिति में धुएं से बचाव के उपायों की जानकारी दी। प्रशिक्षुओं को समझाया गया कि धुएं से भरे स्थान में बिना सुरक्षा उपायों के प्रवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में परिस्थिति के अनुसार सावधानी बरतते हुए प्रभावित लोगों को बाहर निकालने की कोशिश करनी चाहिए।

रेस्क्यू के साथ अपनी सुरक्षा पर भी जोर
प्रशिक्षण के दौरान पुलिसकर्मियों को बताया गया कि राहत एवं बचाव अभियान में लोगों की मदद करना जितना जरूरी है, उतना ही महत्वपूर्ण स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। किसी भी आपदा में जल्दबाजी से बचते हुए टीम के साथ समन्वय बनाकर काम करने की जरूरत होती है।
अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल की दी जानकारी
टीम ने आग बुझाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के बारे में भी प्रशिक्षुओं को जानकारी दी। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि अलग-अलग परिस्थितियों में आग पर काबू पाने के लिए उचित उपकरण और सही तकनीक का इस्तेमाल जरूरी है। इसके साथ ही बिजली, गैस और ज्वलनशील पदार्थों से जुड़े संभावित खतरों की पहचान करने के बारे में भी बताया गया।

आपदा के समय पुलिस की भूमिका अहम
प्रशिक्षकों ने कहा कि दुर्घटना, आग या किसी अन्य आपदा की स्थिति में पुलिस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। कई बार पुलिसकर्मी राहत दल के पहुंचने से पहले ही मौके पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में उन्हें प्राथमिक बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने आपात परिस्थितियों से निपटने के विभिन्न तरीकों को समझा और जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी हासिल की। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक प्रशिक्षण से पुलिसकर्मियों की आपदा के दौरान त्वरित निर्णय लेने और प्रभावी ढंग से राहत कार्य करने की क्षमता मजबूत होगी।
