बस छोड़कर भागा चालक, ग्रामीणों ने शिक्षिका को बनाया बंधक; तीन घंटे तक चलता रहा हंगामा, परिवार ने मांगा एक करोड़ मुआवजा और नौकरी
(रणभेरी): गोरखपुर पिपराइच थाना क्षेत्र के नईयापार बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे पांच वर्षीय बच्चे को तेज रफ्तार स्कूल बस ने उसकी मां की आंखों के सामने कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पिपराइच लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बस को घेरकर रोक लिया, जबकि चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बस में मौजूद शिक्षिका को ग्रामीणों ने काफी देर तक अपने कब्जे में रखा। आक्रोशित लोगों ने बस के शीशे भी तोड़ दिए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन पर स्थिति शांत हो सकी।
घर के बाहर बस का इंतजार कर रहा था हिमांशु
नईयापार बुजुर्ग गांव निवासी सोनी अपने परिवार के साथ रहती हैं। उनके सास-ससुर भी उनके साथ रहते हैं। सोनी के पति मुंबई में रहकर पेंट-पॉलिश का काम करते हैं। उनका पांच वर्षीय बेटा हिमांशु एसडी पब्लिक स्कूल, चौरी में कक्षा एक में पढ़ता था।
शनिवार सुबह हिमांशु रोज की तरह स्कूल जाने के लिए तैयार हुआ था। मां ने उसके लिए लंच तैयार किया और इसके बाद वह बेटे को स्कूल बस में बैठाने के लिए घर के बाहर आकर बस का इंतजार करने लगीं।

बताया गया कि करीब आठ बजे एसडी पब्लिक स्कूल की बस संख्या UP52T0177 वहां पहुंची। आरोप है कि बस की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान हिमांशु बस की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने पीछा कर बस को रोका
हादसे के बाद बस चालक वाहन लेकर वहां से निकलने लगा। ग्रामीणों ने बस का पीछा शुरू कर दिया। करीब 200 मीटर आगे जाकर ग्रामीणों ने बस को रोक लिया। इसी दौरान चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।
बस में स्कूल की एक शिक्षिका भी मौजूद थीं। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने शिक्षिका को बस से नीचे उतारने के बाद अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने बस के शीशे तोड़ दिए और मौके पर हंगामा शुरू कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही पिपराइच थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। काफी देर तक लोगों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। करीब तीन घंटे तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस शिक्षिका और क्षतिग्रस्त बस को थाने ले गई।
बेटे की मौत से परिवार में कोहराम
हिमांशु को लेकर परिवार के लोग तत्काल सीएचसी पिपराइच पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के बाद गांव में भी शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना था कि स्कूल बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों और बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखी मांग
हंगामे की जानकारी मिलने पर एसडीएम ज्ञान प्रताप सिंह, तहसीलदार डॉ. भागीरथी सिंह और नायब तहसीलदार अनु सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिवार और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
इस दौरान मृतक बच्चे के परिवार की ओर से अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा गया। परिवार ने हादसे में जान गंवाने वाले बच्चे के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे के साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी। परिवार का कहना है कि बच्चे की मौत से उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है और सरकार को पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करनी चाहिए।
स्कूल प्रबंधन ने जताया दुख
घटना को लेकर स्कूल प्रबंधन की ओर से भी दुख जताया गया। स्कूल प्रबंधक सुनील चौहान ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि स्कूल परिवार इस घटना से काफी दुखी है और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
प्रबंधन की ओर से यह भी कहा गया कि बच्चा अचानक दौड़कर बस की तरफ आया, जिसके कारण चालक की नजर उस पर नहीं पड़ सकी और वह बस की चपेट में आ गया। हालांकि, हादसे की वास्तविक परिस्थितियों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
चालक, शिक्षिका और प्रबंधक के खिलाफ केस
चौरीचौरा क्षेत्र के सीओ कुंदन सिंह के अनुसार, पुलिस को सुबह करीब साढ़े आठ बजे हादसे की सूचना मिली थी। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक हिमांशु स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था, इसी दौरान स्कूल बस की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मृतक बच्चे की मां सोनी की तहरीर के आधार पर बस चालक मनोज, शिक्षिका रानी मिश्रा और स्कूल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
हादसे के बाद पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और स्कूल बस की गति, चालक की लापरवाही तथा अन्य सुरक्षा मानकों में किसी तरह की कमी थी या नहीं।
तीन घंटे तक रहा तनाव
मासूम की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सड़क पर साफ दिखाई दिया। बस में तोड़फोड़ और शिक्षिका को बंधक बनाए जाने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों को शांत कराया गया। अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद लोग वहां से हटे।
