वाराणसी (रणभेरी): सदर तहसील परिसर गुरुवार को एक बार फिर अधिवक्ताओं के विरोध-प्रदर्शन का गवाह बना, जहां तहसील बार एसोसिएशन के नेतृत्व में वकीलों ने एसडीएम सदर नितिन सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार करते हुए तहसील में कामकाज पूरी तरह बाधित कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर पद के कथित दुरुपयोग, भ्रष्ट आचरण और अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। वकीलों का कहना है कि जब तक एसडीएम सदर का गैर-जनपद स्थानांतरण नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जनसुनवाई के दौरान विवाद से बढ़ा मामला
पूरा विवाद मंगलवार को उस समय शुरू हुआ जब एसडीएम सदर कोर्ट में जनसुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं द्वारा पहले वकीलों से संबंधित शिकायतों को सुने जाने की बात कही गई। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और अधिवक्ताओं एवं एसडीएम के बीच कहासुनी की बात सामने आई। वकीलों का आरोप है कि इसके बाद एसडीएम ने एक अधिवक्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें चेंबर से बाहर जाने को कहा, जिससे माहौल और अधिक गरमा गया।

तहसील परिसर में जोरदार नारेबाजी
घटना के बाद अधिवक्ता बड़ी संख्या में तहसील परिसर में एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान “भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करो”, “एसडीएम सदर को हटाओ” और “जवाब दो” जैसे नारे लगाए गए। अधिवक्ताओं ने तहसील की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
अनिश्चितकालीन बहिष्कार का ऐलान
तहसील बार एसोसिएशन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक एसडीएम कोर्ट का पूर्ण बहिष्कार जारी रहेगा। इसके चलते तहसील में न्यायिक कार्य अनिश्चितकाल के लिए प्रभावित हो गया है।
आंदोलनरत अधिवक्ता आज जिलाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी देने और आधिकारिक ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं। साथ ही अधिवक्ताओं ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में कराई जाए, ताकि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके।
प्रमुख अधिवक्ताओं की मौजूदगी
प्रदर्शन में तहसील बार एवं बनारस बार के कई वरिष्ठ और पूर्व पदाधिकारी भी शामिल रहे। अधिवक्ताओं की भारी भीड़ ने एकजुट होकर एसडीएम के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
अधिवक्तओं की ये प्रमुख मांगें और प्रस्ताव
- गैर-जनपद स्थानांतरण: SDM सदर नितिन सिंह को तत्काल प्रभाव से वाराणसी से हटाया जाए।
- न्यायिक जांच: सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति की अध्यक्षता में SDM द्वारा दिए गए सभी न्यायिक आदेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- अनिश्चितकालीन बहिष्कार: वकीलों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, SDM कोर्ट का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
