दो-तीन महीने से गंदे पानी की आपूर्ति का आरोप, शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं
वाराणसी (रणभेरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पेयजल व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। शिवपुर क्षेत्र के वार्ड नंबर-9 स्थित पांचो पांडवा कादीपुर यादव बस्ती के लोगों ने आरोप लगाया है कि पिछले दो से तीन महीनों से जलकल विभाग की ओर से बदबूदार और दूषित पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे क्षेत्र के सैकड़ों परिवारों को पीने के पानी के लिए गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार जलकल विभाग और संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई। शिकायत के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे, निरीक्षण किया और तस्वीरें भी लीं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि चुनाव के बाद क्षेत्र के पार्षद भी उनकी समस्याओं की सुध लेने नहीं पहुंचे।

ग्रामीणों के अनुसार, नलों से आने वाला पानी इतनी तेज बदबू देता है कि उसका उपयोग पीने के लिए नहीं किया जा सकता। मजबूरी में कई परिवार बाजार से पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। वहीं पशुओं को भी छानकर वही दूषित पानी पिलाना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि गंदे पानी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका आरोप है कि कई बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं और टाइफाइड, डेंगू तथा मलेरिया जैसी बीमारियों की आशंका बनी हुई है। लोगों ने प्रशासन से पानी की गुणवत्ता की जांच कराकर तत्काल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन और उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भी यदि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है।
