प्रेम-प्रसंग बना खौफनाक वारदात की वजह: प्रयागराज में युवक ने ममेरे भाई की हत्या कर शव जलाया, फिरौती मांगकर रची गुमराह करने की साजिश

प्रेम-प्रसंग बना खौफनाक वारदात की वजह: प्रयागराज में युवक ने ममेरे भाई की हत्या कर शव जलाया, फिरौती मांगकर रची गुमराह करने की साजिश

(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने प्रेम-प्रसंग के चलते अपने ही ममेरे भाई की कथित तौर पर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया। इतना ही नहीं, परिवार और पुलिस को भ्रमित करने के लिए मृतक के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर इंस्टाग्राम पर संदेश भेजे और 50 लाख रुपये की फिरौती भी मांग डाली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

23 जुलाई को घर से निकला था छात्र

पुलिस के अनुसार, सोरांव थाना क्षेत्र के भदरी गांव निवासी शिव प्रसाद का पुत्र सुमित उर्फ साहिल स्नातक का छात्र था। 23 जुलाई की सुबह वह बाल कटवाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। लगातार खोजबीन के बाद 25 जुलाई को परिवार ने सोरांव थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।

फोन कर मांगी गई 50 लाख की फिरौती

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब 29 जुलाई को सुमित के मोबाइल नंबर से उसके पिता के पास कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए युवक की रिहाई के बदले 50 लाख रुपये की मांग की। इसके साथ ही इंस्टाग्राम के जरिए भी परिवार से संपर्क किया गया, जिससे परिजनों को विश्वास हो गया कि सुमित जीवित है। पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और मोबाइल की लोकेशन तथा डिजिटल गतिविधियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच

पुलिस की जांच का शक मृतक के ममेरे भाई शिवम राय पर गया, जो जगदीशपुर कसारी का रहने वाला है। हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो आरोपी टूट गया और पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। उसकी निशानदेही पर 30 जुलाई को गंगा कछार की झाड़ियों से जला हुआ शव बरामद किया गया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और अन्य सामान के आधार पर शव की पहचान सुमित के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में हत्या सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ दीं।

प्रेम-प्रसंग बना हत्या की वजह

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और सुमित दोनों एक ही युवती को पसंद करते थे। सुमित उस युवती से रिश्ता खत्म करने के लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव चल रहा था। आरोपी ने बताया कि उसने पहले से ही हत्या की योजना बनाई। 23 जुलाई को उसने सुमित को बहाने से गंगा किनारे रेलवे लाइन के पास बुलाया। बातचीत के दौरान उसने सुमित से मोबाइल में फोटो दिखाने को कहा। जैसे ही सुमित मोबाइल देखने में व्यस्त हुआ, आरोपी ने झोले में छिपाकर रखा हथौड़ा निकालकर उसके सिर पर कई वार किए। गंभीर चोट लगने से सुमित की मौके पर ही मौत हो गई।

शव को जलाकर मिटाने की कोशिश की पहचान

हत्या के बाद आरोपी ने अपने अपराध के निशान मिटाने की कोशिश की। उसने शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, ताकि पहचान करना मुश्किल हो जाए। इसके बाद घटनास्थल से फरार हो गया।

परिवार और पुलिस को किया गुमराह

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद आरोपी ने मृतक का मोबाइल और सिम अपने पास रख लिया। उसने उसी मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए परिवार से इंस्टाग्राम पर बातचीत की। खुद को अपहरणकर्ता बताकर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और मृतक की यूपीआई आईडी भी भेजी। परिजनों ने सुमित के जीवित होने की उम्मीद में दो बार ऑनलाइन भुगतान भी किया। पहली बार 5 हजार और दूसरी बार 2 हजार रुपये भेजे गए। आरोपी का उद्देश्य परिवार को यह विश्वास दिलाना था कि सुमित अभी उसके कब्जे में है।

सिम बदलने के लिए अपनाई अलग तरकीब

जांच में यह भी सामने आया कि 24 जुलाई को आरोपी सिविल लाइंस इलाके में एक व्यक्ति के पास पहुंचा। उसने डिजिटल भुगतान के जरिए 1000 रुपये ट्रांसफर किए और बदले में नकद राशि प्राप्त की। इसके बाद वह एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कटहुला गौसपुर पहुंचा, जहां उसने मृतक के मोबाइल से सिम निकाल दिया। बाद में मोबाइल फोन तोड़कर झाड़ियों में फेंक दिया गया ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे।

नई इंस्टाग्राम आईडी बनाकर भेजे संदेश

पुलिस के अनुसार आरोपी ने घर लौटने के बाद अपनी चाची के मोबाइल में वाई-फाई कनेक्ट कर नई इंस्टाग्राम आईडी बनाई। इसी फर्जी अकाउंट से उसने सुमित के भाई को संदेश भेजे और फिरौती की मांग जारी रखी।

आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा गया

तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस पूरे मामले में डिजिटल और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

पुलिस का कहना है

प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम-प्रसंग से उपजे विवाद का प्रतीत होता है। आरोपी ने हत्या के बाद अपहरण और फिरौती की कहानी रचकर परिवार तथा पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी जांच और पूछताछ के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया।

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