वाराणसी (रणभेरी): काशी और आगरा में मिली जीत को समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी मजबूत स्थिति का संकेत बताया है। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इन जीतों से स्पष्ट है कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रदेश में अपना परचम लहराएगी और भारी मतों से सरकार बनाएगी। वहीं, शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी की जीत की घोषणा और प्रमाणपत्र जारी करने में हुई देरी पर उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने स्नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना के प्रत्येक राउंड का परिणाम घोषित करने की मांग की।
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह वाराणसी के पहड़िया मंडी में चल रही स्नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान पार्टी के टेंट में मौजूद रहे और लगातार चुनाव परिणाम पर नजर बनाए रखी। इस दौरान उन्होंने शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव की जीत की घोषणा में हुई देरी को लेकर प्रशासन पर निशाना साधा।
हर राउंड की काउंटिंग का हो ऐलान
वीरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षक एमएलसी क्षेत्र से सपा प्रत्याशी लाल बिहारी यादव करीब पांच हजार मतों के अंतर से जीत चुके हैं। वहीं, स्नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना में भी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी तीन हजार से अधिक मतों से आगे चल रहे हैं। उन्होंने मतगणना में लगे अधिकारियों से मांग की कि प्रत्येक राउंड की गिनती पूरी होने के बाद उसके परिणाम की घोषणा की जाए, ताकि कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह का भ्रम न पैदा हो।
सांसद ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से भी बातचीत की है। उन्होंने कहा कि चुनाव की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता धैर्य बनाए रखते हुए प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। ऐसे में निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मतगणना कराकर परिणाम घोषित करें।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतगणना में किसी तरह की गड़बड़ी की सूचना मिलती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी धैर्य के साथ परिणाम का इंतजार कर रही है।
छह घंटे की देरी पर उठाए सवाल
शिक्षक एमएलसी चुनाव के परिणाम की घोषणा में हुई देरी पर सवाल उठाते हुए वीरेंद्र सिंह ने कहा कि सपा प्रत्याशी रात में ही जीत चुके थे, लेकिन प्रशासन को परिणाम घोषित करने और प्रमाणपत्र देने में करीब छह घंटे लग गए। उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर प्रत्याशियों के परिणाम घोषित कर दिए गए, लेकिन सपा प्रत्याशी की जीत की आधिकारिक घोषणा में देरी हुई।
सांसद ने कहा कि जब प्रत्याशी करीब पांच हजार मतों के अंतर से जीत रहा था, तो जिला स्तर पर ही उसे प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाना चाहिए था। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े अंतर से जीत के बावजूद परिणाम घोषित करने में छह घंटे क्यों लगाए गए। उन्होंने कहा कि कम मतों के अंतर से जीत होने पर मतगणना और परिणाम की प्रक्रिया में लगने वाले समय को समझा जा सकता है, लेकिन इतने बड़े अंतर के बावजूद देरी होना संदेह पैदा करता है।
वीरेंद्र सिंह ने प्रशासन से मांग की कि स्नातक एमएलसी चुनाव की मतगणना के हर राउंड का परिणाम सार्वजनिक किया जाए, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह के संदेह की स्थिति पैदा न हो।
