काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट के 15वें प्रशिक्षण सत्र का समापन, छात्राओं को प्रमाण-पत्र देकर किया गया सम्मानित
वाराणसी (रणभेरी): बेटियों को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र ट्रस्ट की ओर से संचालित प्रशिक्षण केंद्र का 15वां सत्र संपन्न हुआ। इस अवसर पर आर्य महिला पीजी कॉलेज, चेतगंज में सिलाई-कढ़ाई एवं कंप्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं के लिए सम्मान एवं उपकरण वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सफल छात्राओं को प्रमाण-पत्र, चयनित मेधावी छात्राओं को लैपटॉप और जरूरतमंद छात्राओं को निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं।
समारोह के आरंभ में ट्रस्ट के एक पदाधिकारी के पुत्र के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि विधायक एवं पूर्व धर्मार्थ मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, महंत शंकरपुरी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर आयोजन को आगे बढ़ाया। ट्रस्ट परिवार की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान भी किया गया।

बेटियों को हुनरमंद बनाना समाज के विकास में योगदान
मुख्य अतिथि डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने ट्रस्ट की ओर से लगातार 15 वर्षों से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ समाज में भी सकारात्मक भूमिका निभाएंगी।
स्वावलंबन से मजबूत होगा परिवारों का भविष्य
महंत शंकरपुरी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि काशी की परंपरा सेवा, संस्कार और परोपकार से जुड़ी रही है। जरूरतमंदों को हुनर और रोजगार का साधन उपलब्ध कराना भी सेवा का महत्वपूर्ण स्वरूप है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को मिली सिलाई मशीनें उनके लिए आजीविका का माध्यम बन सकती हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगी।

प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं का सम्मान
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ट्रस्ट के एडमिनिस्ट्रेटर श्री के. जनार्दन शर्मा, ट्रस्टी श्री आशीष जिंदल, प्रो. रामनारायण द्विवेदी, श्री शशिकांत दीक्षित तथा आर्य महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्या श्रीमती रचना दुबे उपस्थित रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को निरंतर सीखने, अपने कौशल को बेहतर बनाने और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
समारोह के दौरान प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। मेधावी छात्राओं को कंप्यूटर शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लैपटॉप दिए गए, जबकि जरूरतमंद छात्राओं को स्वरोजगार शुरू करने में मदद के लिए सिलाई मशीनें सौंपी गईं। अपने हाथों में मशीनें पाकर छात्राओं के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।
आयोजन में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, शिक्षिकाएं और छात्राएं शामिल हुईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में काशी मिश्रा, प्रदीप श्रीवास्तव, राकेश तोमर सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका रही। ट्रस्ट की यह पहल कौशल विकास के जरिए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई।
