मतदाता सूची से नाम हटाने पर जताई चिंता, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया की समीक्षा समेत उठाईं पांच मांगें
वाराणसी (रणभेरी): मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर साझा संस्कृति मंच ने वाराणसी में विरोध प्रदर्शन किया। मंच के सदस्यों ने जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित पांच सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया।
मंच के सदस्यों ने मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने और SIR प्रक्रिया के तरीके पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और इस अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी होनी जरूरी है।
मतदाता सूची से नाम हटाने पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान मंच की पदाधिकारी जागृति राही ने कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होना लोकतांत्रिक भागीदारी का अहम आधार है। यदि पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाते हैं, तो इसकी प्रक्रिया और आधार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में निर्वाचन व्यवस्था की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
वहीं, धनंजय ने कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और निर्णय के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलना भी आवश्यक है। उनके मुताबिक, स्पष्ट कारण और उचित सूचना के बिना नाम हटाने से नागरिकों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें
साझा संस्कृति मंच की ओर से सौंपे गए मांग-पत्र में निर्वाचन व्यवस्था में सुधार के लिए पांच बिंदुओं को प्रमुखता से उठाया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग: मंच ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त से इस्तीफा देने की मांग की है। SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग: ज्ञापन में मौजूदा विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल समाप्त करने और इसके प्रभावों की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग की गई है।
फॉर्म-6 में बदलाव वापस लेने की मांग: मंच ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म-6 में किए गए कथित गैरकानूनी बदलावों को वापस लेने की बात कही। साथ ही, नए मतदाताओं के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की मांग की।
नाम काटे जाने का आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग: ज्ञापन में वाराणसी जिले में SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों की कुल संख्या सार्वजनिक करने के साथ सभी विधानसभा क्षेत्रों के अलग-अलग आंकड़े जारी करने की मांग की गई है।
प्रभावित मतदाताओं को लिखित नोटिस देने की मांग: मंच ने कहा कि जिन नागरिकों के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें लिखित सूचना दी जानी चाहिए। इसमें नाम हटाने का कारण, आपत्ति या अपील की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और दोबारा नाम जुड़वाने की समय-सीमा स्पष्ट होनी चाहिए।
निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था पर दिया जोर
साझा संस्कृति मंच ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं। मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी या अपारदर्शिता से नागरिकों के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। मंच ने निर्वाचन आयोग और प्रशासन से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने तथा मतदाताओं की शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
