पूरे इलाके को बनाया गया छावनी, सीएम योगी के निर्देश के बाद तेज हुआ दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट
वाराणसी (रणभेरी)। शहर के सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक कारोबारी इलाके दालमंडी में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर गरज उठा। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने करीब 45 मकानों और दुकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से ही पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। किसी भी तरह के विरोध या अव्यवस्था से निपटने के लिए लगभग 300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हुआ। कार्रवाई से पहले गुरुवार रात इलाके में मुनादी कराकर लोगों को चेतावनी दी गई थी कि वे शनिवार दोपहर 12 बजे से पहले अपने घरों और दुकानों से सामान हटा लें। इसके बाद कई दुकानदार रातभर सामान निकालते नजर आए। शनिवार सुबह से बुलडोजर और जेसीबी मशीनों ने मकानों को गिराना शुरू कर दिया।

दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाली योजनाओं में माना जा रहा है। हाल ही में वाराणसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की रफ्तार बढ़ा दी है। परियोजना के तहत दालमंडी की 650 मीटर लंबी सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है, ताकि इस भीड़भाड़ वाले इलाके में जाम की समस्या कम हो सके और श्रद्धालुओं तथा कारोबारियों को राहत मिल सके। सड़क चौड़ीकरण के लिए कुल 187 संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, जिनमें करीब 1400 दुकानें शामिल हैं। इन संपत्तियों में 181 मकान और 6 मस्जिदें भी हैं। प्रशासन ने पहली बार 29 अक्टूबर 2025 को ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया था। अब तक लगभग 60 मकान तोड़े जा चुके हैं। शनिवार की कार्रवाई के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अभी 121 मकान और 6 मस्जिदें बची हुई हैं। बताया जा रहा है कि मस्जिदों को सबसे अंत में हटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में भारी पुलिस बल के साथ पीएसी के जवान भी तैनात रहे। गलियों में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई। कई परिवारों के सामने अचानक विस्थापन का संकट खड़ा हो गया है, वहीं कुछ व्यापारी मुआवजे और पुनर्वास को लेकर असंतोष भी जता रहे हैं। हालांकि प्रशासन का कहना है कि परियोजना जनहित में है और सभी प्रभावितों को नियमानुसार प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की सूचना दी गई है।
