वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी सिगरा थाना क्षेत्र के मलदहिया स्थित एक गेस्ट हाउस में पुलिस ने देर शाम छापेमारी कर कथित देह व्यापार के संचालित होने का खुलासा करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच युवतियों, दो संचालकों और दो ग्राहकों सहित कुल नौ लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। मौके से रजिस्टर, मोबाइल फोन, आपत्तिजनक सामग्री तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, काफी समय से मलदहिया स्थित गेस्ट हाउस में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। सूचना की पुष्टि करने के बाद सिगरा थाना पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। पुलिस टीम के पहुंचते ही गेस्ट हाउस में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर सभी संदिग्धों को मौके से पकड़ लिया।
सिगरा थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों संचालकों की पहचान अंधरापुल निवासी राहुल प्रजापति और भुल्लनपुर निवासी सागर सेठ के रूप में हुई है। वहीं ग्राहकों के तौर पर पकड़े गए व्यक्तियों में मंडुवाडीह निवासी विशाल कुमार तथा लालपुर-पांडेयपुर निवासी रवि कुमार शामिल हैं। इसके अलावा पांच युवतियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनमें चार पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली हैं, जबकि एक युवती उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद की निवासी बताई गई है।

प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि गेस्ट हाउस को लगभग 63 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लेकर उसका संचालन किया जा रहा था। आरोप है कि इसी स्थान से कथित देह व्यापार का नेटवर्क संचालित होता था। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ युवतियों को कोलकाता से बुलाकर इस कार्य में लगाया जाता था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का संचालन कब से किया जा रहा था और इसमें कितने लोग जुड़े हुए हैं।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि ग्राहकों की मांग के अनुसार युवतियों को शहर के विभिन्न इलाकों के होटल और अन्य स्थानों पर भेजा जाता था। आरोप है कि इसके लिए बाइक टैक्सी सेवा का भी इस्तेमाल किया जाता था, जिससे युवतियों को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आई है कि कथित रूप से पूरी रात के लिए लगभग सात हजार रुपये तथा एक से दो घंटे के लिए करीब एक हजार रुपये तक वसूले जाते थे। हालांकि पुलिस इस संबंध में मिले तथ्यों और दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
छापेमारी के दौरान बरामद रजिस्टर, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों को पुलिस ने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सकती है। साथ ही कॉल डिटेल, लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
सिगरा पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सभी गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित गिरोह का नेटवर्क शहर के किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
