वाराणसी में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 42 डिग्री पार, राहत के आसार 28 अप्रैल के बाद

वाराणसी में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 42 डिग्री पार, राहत के आसार 28 अप्रैल के बाद

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। लगातार तीसरे दिन गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। तपती धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में सन्नाटा दिखाई दे रहा है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 26 अप्रैल तक इसी तरह का तापमान बना रह सकता है। हालांकि 28 अप्रैल के आसपास हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने के संकेत हैं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और लोगों को राहत मिल सकती है।

प्रदेश में तापमान की स्थिति

बुधवार को दर्ज तापमान के आधार पर वाराणसी प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में चौथे स्थान पर रहा। इस सूची में प्रयागराज सबसे ऊपर रहा, जहां तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी वाराणसी गर्म शहरों की सूची में 12वें स्थान पर रहा, जो बढ़ती गर्मी की गंभीरता को दर्शाता है।

गर्मी का असर बाजारों और जनजीवन पर

तेज धूप और लू के चलते दोपहर के समय बाजारों में लोगों की आवाजाही कम हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि सुबह और शाम को ही ग्राहक नजर आते हैं, जबकि दिन के समय कारोबार पर असर पड़ रहा है। सड़कें भी दोपहर में लगभग खाली दिखाई दे रही हैं।

सारनाथ मिनी जू में जानवरों के लिए विशेष इंतजाम

भीषण गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि जानवर भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। सारनाथ स्थित मिनी जू में जानवरों को लू से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। हिरण और बारहसिंगा जैसे जानवरों की डाइट में बदलाव कर उन्हें ठंडक देने वाले खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं, जैसे खरबूजा, खीरा और ककड़ी। पक्षियों और अन्य जीवों के खान-पान में भी सुधार किया गया है, ताकि उनके शरीर का तापमान संतुलित बना रहे और वे इस गर्मी का सामना कर सकें।

वाराणसी में भीषण गर्मी का कहर, तापमान 42 डिग्री पार, राहत के आसार 28 अप्रैल के बाद

पानी का छिड़काव और देखभाल बढ़ाई गई

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मिनी जू में नियमित अंतराल पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे वातावरण ठंडा बना रहे। जानवरों के लिए स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। डियर पार्क में हिरणों को हरी घास और नीम के पत्ते दिए जा रहे हैं, जबकि सप्ताह में तीन दिन उन्हें ठंडक देने वाले फल जैसे खरबूजा और खीरा खिलाया जा रहा है। इन उपायों का उद्देश्य जानवरों को गर्मी से बचाना और उनके स्वास्थ्य को बनाए रखना है।

वाराणसी में बढ़ती गर्मी ने लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के जीवन को भी प्रभावित किया है। प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बावजूद, आमजन को फिलहाल सावधानी बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव ही इस तपिश से राहत दिला सकता है।

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