वाराणसी (रणभेरी): बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता बोमन ईरानी इन दिनों दो दिवसीय वाराणसी प्रवास पर हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने काशी की आध्यात्मिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक रंगों को बेहद करीब से महसूस किया। गुरुवार को उन्होंने गंगा की लहरों के बीच क्रूज यात्रा करते हुए काशी के ऐतिहासिक 84 घाटों का नजारा देखा और शहर की प्राचीनता व भव्यता को महसूस किया। इसके बाद उन्होंने काशी के कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।
अभिनेता ने कहा कि वाराणसी के बारे में उन्होंने पहले बहुत कुछ सुना था, लेकिन इस बार जिस तरह से काशी को देखने और समझने का अवसर मिला, वह उनकी सोच से भी कहीं अधिक अद्भुत रहा। उन्होंने बताया कि काशी सिर्फ एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का जीवंत अनुभव है।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में की पूजा-अर्चना
वाराणसी प्रवास के दौरान बोमन ईरानी ने श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। मंदिर परिसर में उन्होंने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन किया और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
पूजा के दौरान अभिनेता ने वैदिक मंत्रों का श्रद्धापूर्वक उच्चारण किया। मंदिर में मौजूद लोगों ने उनके पूजा करने के तरीके और मंत्रोच्चारण की सराहना की। इस दौरान उन्हें काशी की धार्मिक परंपराओं और बाबा विश्वनाथ मंदिर के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

स्थानीय निवासी सौरभ ने बताया कि अभिनेता ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि बोमन ईरानी मंत्रों का उच्चारण काफी शुद्ध तरीके से कर रहे थे, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग भी प्रभावित हुए।
गंगा की लहरों पर देखी घाटों की भव्यता
काशी यात्रा के पहले दिन बोमन ईरानी ने गंगा क्रूज के जरिए शहर के प्रसिद्ध घाटों का भ्रमण किया। गंगा किनारे बसे घाटों की सुंदरता, यहां होने वाली धार्मिक गतिविधियों और प्राचीन स्थापत्य कला को देखकर अभिनेता काफी प्रभावित नजर आए।
उन्होंने घाटों की ऐतिहासिकता और काशी की जीवनशैली को करीब से समझा। गंगा आरती, घाटों की परंपरा और शहर की आध्यात्मिक ऊर्जा ने उन्हें खासा आकर्षित किया।
बनारसी स्वाद के हुए कायल
वाराणसी आए बोमन ईरानी ने यहां के प्रसिद्ध खान-पान का भी आनंद लिया। उन्होंने खास तौर पर बनारसी टमाटर चाट का स्वाद चखा और उसकी जमकर तारीफ की।
स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उन्होंने बनारस के पारंपरिक व्यंजनों, रहन-सहन और संस्कृति के बारे में जानकारी ली। अभिनेता ने कहा कि यहां का भोजन भी काशी की पहचान का एक अहम हिस्सा है, जिसमें शहर की पुरानी परंपराओं की झलक दिखाई देती है।
आदि केशव और लाट भैरव मंदिर पहुंचे
धार्मिक यात्रा के क्रम में बोमन ईरानी ने आदि केशव घाट स्थित प्राचीन मंदिर में भी दर्शन किए। इसके बाद वह लाट भैरव मंदिर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना की।
इस दौरान उन्हें काशी के पौराणिक महत्व, मंदिरों के इतिहास और धार्मिक मान्यताओं के बारे में बताया गया। उनके साथ मौजूद लोगों ने उन्हें काशी के उन स्थानों से भी परिचित कराया, जिनके बारे में आमतौर पर कम लोग जानते हैं।
बोले- काशी को पहले से अलग नजरिए से जाना
बोमन ईरानी ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले वह काशी को मुख्य रूप से बाबा विश्वनाथ, काल भैरव और यहां की प्रसिद्ध चाट के लिए जानते थे, लेकिन इस यात्रा ने उन्हें शहर के कई अनदेखे पहलुओं से परिचित कराया।
उन्होंने कहा कि काशी की आध्यात्मिकता, इतिहास और संस्कृति को नजदीक से समझने का मौका मिला। यहां की परंपराएं और लोगों की आस्था इस शहर को दुनिया के बाकी स्थानों से अलग बनाती हैं।
तीसरी बार आए काशी, इस बार पूरा हुआ दर्शन का संकल्प
बोमन ईरानी इससे पहले भी दो बार वाराणसी आ चुके हैं। हालांकि पिछली यात्राओं में उन्हें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने का अवसर नहीं मिल पाया था। करीब सात साल बाद अपनी तीसरी काशी यात्रा में उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। अभिनेता ने इस पल को अपने लिए बेहद खास और सौभाग्यशाली बताया। उन्होंने कहा कि काशी की यह यात्रा उनके जीवन की यादगार यात्राओं में शामिल हो गई है।
