डीएम और पुलिस आयुक्त ने शांति समिति की बैठक में दिए निर्देश, रामलीला-मेलों में महिला पुलिसकर्मियों की होगी तैनाती।
वाराणसी (रणभेरी)। दुर्गा पूजा और दशहरे के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति, बेहतर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। जर्जर बिजली के तारों और खंभों को दुरुस्त करने के साथ ही मूर्ति विसर्जन मार्गों की मरम्मत कराई जाएगी। त्योहारों के मद्देनजर साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शुक्रवार को यातायात पुलिस लाइंस सभागार में जिला शांति समिति की बैठक में संबंधित विभागों को ये निर्देश दिए।
बैठक में दुर्गा पूजा और रामलीला समितियों के पदाधिकारियों ने पिछले वर्षों के आयोजनों के अनुभव साझा किए। उन्होंने जर्जर बिजली के खंभों, लटकते तारों, मूर्ति स्थापना स्थलों और विसर्जन मार्गों पर गड्ढों के साथ प्रकाश व्यवस्था की समस्याएं उठाईं। इस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग और लोक निर्माण विभाग को तत्काल समस्याओं का समाधान कराने को कहा। पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और जिला पंचायत को अभियान चलाकर सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। आयोजन स्थलों पर शुद्ध पेयजल और जरूरत के अनुसार मोबाइल शौचालय की व्यवस्था भी कराई जाएगी।
पंडालों में इमरजेंसी लाइट और जनरेटर रखना अनिवार्य
जिलाधिकारी ने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में पंडालों में अंधेरा न हो, इसके लिए आयोजक इमरजेंसी लाइट और जनरेटर की व्यवस्था रखें। नगरीय क्षेत्रों में पंडालों, विसर्जन स्थलों और कुंडों की सफाई नगर निगम कराएगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई की जिम्मेदारी जिला पंचायती राज अधिकारी की होगी। विसर्जन मार्गों से झाड़ियां हटाने और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मूर्तियों का विसर्जन पोखरों, तालाबों और पर्याप्त पानी वाले निर्धारित स्थलों पर ही किया जाएगा। किसी भी नई परंपरा की शुरुआत नहीं होगी। रावण दहन के कार्यक्रम भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
रामलीला और मेले में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। एसीपी और थाना प्रभारियों को दुर्गा पूजा समितियों के साथ समन्वय बैठक करने और पंडालों व विसर्जन स्थलों का निरीक्षण करने को कहा गया। रामलीला मंचन और मेलों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
पंडालों, रामलीला मंचों और रावण दहन स्थलों पर बैरिकेडिंग कराई जाएगी। आयोजकों को निर्धारित समय पर कार्यक्रम समाप्त करने और विसर्जन जुलूस के दौरान पूरी सड़क नहीं घेरने की हिदायत दी गई। बड़े पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवक तैनात करने को कहा गया। स्वयंसेवकों को अलग जर्सी, बैज या पहचान पत्र देने के साथ उनकी सूची संबंधित थाने में उपलब्ध करानी होगी।
भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल पुलिस को दें जानकारी
पुलिस आयुक्त ने आयोजकों से अश्लील गाने नहीं बजाने और जुलूस व विसर्जन के दौरान सीमित साउंड बॉक्स का इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक सूचनाओं की जानकारी तत्काल पुलिस प्रशासन को देने को कहा, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
बैठक में अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा, डीसीपी गौरव वंशवाल, राजेश पांडेय, एडीसीपी ट्रैफिक, एडीएम सिटी पंकज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
