(रणभेरी): उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक नई पहल को मंजूरी दी है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी करने वाली चयनित मेधावी छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के लिए सरकार ने लगभग 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाना, उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और शिक्षा के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना है।
किन छात्राओं को मिलेगा लाभ
योजना के अनुसार, राज्य के प्रत्येक विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेज में स्नातक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जाएगी। चयन पूरी तरह शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। सामान्य श्रेणी की पात्र छात्राओं के लिए यह भी शर्त रखी गई है कि उनके परिवार की वार्षिक आय 10 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए।
हालांकि कुछ विशेष श्रेणियों की छात्राओं को आय सीमा से छूट दी गई है। इनमें शामिल हैं-
- दिव्यांग छात्राएं।
- शहीद सैनिकों के परिवार की बेटियां।
- निराश्रित या विशेष परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले परिवारों की छात्राएं।
इन वर्गों की पात्र छात्राओं को आय सीमा लागू नहीं होगी।
सरकार केवल स्कूटी ही नहीं देगी, बल्कि उसे उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार स्थिति में सौंपेगी।
- नई पेट्रोल चालित स्कूटी।
- वाहन का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन)।
- बीमा (इंश्योरेंस)।
- मानक हेलमेट।
- आवश्यक एक्सेसरीज।
- शुरुआती उपयोग के लिए 4 लीटर पेट्रोल।
हालांकि वाहन चलाने के लिए आवश्यक ड्राइविंग लाइसेंस छात्राओं को स्वयं बनवाना होगा।
खरीद की प्रक्रिया
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूटी की खरीद गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
मंत्री ने दी जानकारी
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे प्रदेश की हजारों मेधावी छात्राओं को लाभ मिलने की संभावना है। योजना का उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि छात्राओं को शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में सुविधा उपलब्ध कराना भी है।
