वाराणसी (रणभेरी): सारनाथ थाना क्षेत्र के सथवा गांव में मंगलवार सुबह उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब स्थानीय लोगों को गांव स्थित हनुमान मंदिर में स्थापित प्रतिमा क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में एकत्र हो गए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया तथा निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार देर रात अज्ञात शरारती तत्व मंदिर परिसर में पहुंचे और वहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। बताया जा रहा है कि प्रतिमा को कई छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, प्रतिमा के खंडित हिस्सों को मंदिर की सीढ़ियों से लेकर बाहर तक बिखेर दिया गया, जिससे सुबह पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी फैल गई।
घटना की सूचना गांव में फैलते ही लोगों की भीड़ मंदिर परिसर में जमा हो गई। ग्रामीणों ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली हरकत बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। लोगों ने आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया और पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही सारनाथ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कुछ ही देर बाद क्षेत्राधिकारी (एसीपी) विनय द्विवेदी भी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने मंदिर परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। साथ ही, घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य भी एकत्र किए गए ताकि जांच को आगे बढ़ाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच की जा रही है तथा संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर काम किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रखीं। उनका कहना था कि खंडित प्रतिमा के स्थान पर धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार नई प्रतिमा शीघ्र स्थापित कराई जाए और पूरे मामले का जल्द खुलासा किया जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है।
