बीएचयू छात्रावासों के खाने पर फिर उठे सवाल, पराठे में मिला कांच का टुकड़ा

बीएचयू छात्रावासों के खाने पर फिर उठे सवाल, पराठे में मिला कांच का टुकड़ा

वाराणसी (रणभेरी): Banaras Hindu University के छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार दूसरे दिन खाने में आपत्तिजनक वस्तु मिलने की घटना सामने आने से छात्राओं में नाराजगी बढ़ गई है। ताजा मामला विश्वविद्यालय के न्यू पीएचडी गर्ल्स हॉस्टल का है, जहां एक छात्रा के पराठे में कांच का टुकड़ा मिलने का आरोप लगाया गया है।

जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात हॉस्टल मेस में परोसे गए भोजन के दौरान एक छात्रा खाने के लिए पराठा तोड़ रही थी। इसी दौरान उसे पराठे के अंदर चमकदार कड़ा टुकड़ा दिखाई दिया। ध्यान से देखने पर वह कांच का हिस्सा निकला। छात्रा ने तुरंत इसकी जानकारी आसपास मौजूद अन्य छात्राओं को दी, जिसके बाद मेस में हंगामे जैसी स्थिति बन गई।

छात्राओं का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे एक दिन पहले भी हॉस्टल के भोजन में छिपकली मिलने की शिकायत सामने आई थी। लगातार दो दिनों तक भोजन में ऐसी चीजें निकलने से छात्राओं में डर और असुरक्षा का माहौल है। उनका आरोप है कि मेस में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता की निगरानी ठीक ढंग से नहीं की जा रही है।

छात्राओं ने बताया कि जब इस मामले की शिकायत हॉस्टल प्रशासन और वार्डन से की गई तो शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। आरोप है कि वार्डन ने इसे सामान्य घटना बताते हुए शांत रहने की सलाह दी। हालांकि छात्राओं के विरोध और नाराजगी बढ़ने के बाद वार्डन ने मेस प्रबंधन से बात करने और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।

घटना के बाद कई छात्राओं ने मेस व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में किसी छात्रा की तबीयत बिगड़ सकती है। छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से नियमित निरीक्षण, रसोई की साफ-सफाई और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

वहीं, हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं के बीच इस घटना को लेकर चर्चा तेज है। छात्राओं का कहना है कि मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने छात्राओं का भरोसा कमजोर कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन छात्राओं को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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