वाराणसी (रणभेरी): काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में छात्र हित और विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के तहत शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय के समीप ओपन माइक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के अलग-अलग संकायों और संस्थानों से पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखीं।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिसर की सुरक्षा, छात्र अधिकारों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल उठाए। प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग भी रखी।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनकी ओर से उठाई गई मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन जब तक लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक केंद्रीय कार्यालय के पास चल रहा धरना जारी रखा जाएगा।

एबीवीपी नेता पल्लव सुमन ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर का छात्रों के प्रति रवैया उचित नहीं है। उनके मुताबिक छात्रों की समस्याओं पर संवाद करने के बजाय उन पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने परिसर में बाहरी लोगों की कथित बढ़ती आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। संगठन ने चीफ प्रॉक्टर को पद से हटाने की मांग दोहराई।
वहीं, अनुराग ने 12 सितंबर को प्रेक्षागृह आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले छात्रों के खिलाफ मुकदमे और दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। एबीवीपी ने छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों और अन्य कार्रवाई को वापस लेने की मांग की है। संगठन ने कहा कि छात्र हित से जुड़े इन मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लिखित निर्णय आने तक आंदोलन जारी रहेगा।
