रात के तापमान में तेजी से आ रही गिरावट, ठंड के चलते घरों में निकाल रहे हैं गर्म कपड़े
वाराणसी (रणभेरी): मानसून ने भले ही ही इस बार देर से दस्तक दी हो, लेकिन वापसी के समय इसकी चाल सामान्य से तेज होती दिख रही है। सुबह की ठंड ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। लोगों को धीरे-धीरे गुलाबी सर्दी की आहट हो रही है। रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। सुबह होते ही घरों में ठंड के चलते लोग सिरहन महसूस कर रहे हैं। घरों में लोग पहले से ही गर्म कपड़े निकाल रहे हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के चलते वैसे भी मौसम सर्द हो गया है। लगातार हो रही बारिश के साथ ही तेज एवं ठंड हवाओं ने भी मौसम का रूख एकदम बदल दिया है। पिछले दिनों स्वाति नक्षत्र चल रहा था। अब उधर उत्तरा फागुनी नक्षत्र चल रहा है।
मौसम विभाग की मानें मानसून पश्चिमी उत्तर प्रदेश से वापसी की राह पकड़ चुका है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अक्टूबर के प्रथम सप्ताह और अधिकतम 10 अक्टूबर तक प्रदेश में मानसून की पूरी तरह विदाई होने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के असर से वाराणसी में पिछले दो दिनों से लगातार रूक-रूक बारिश का सिलसिला जारी है। आसमान में काले बादल छाये हुए हैं। शहर के कई इलाकों में बारिश लगातार जारी है।

बारिश भी ऐसी है कि कभी दोपहर में धूप निकल जा रही है तो शाम होते ही आसमान में फिर काले बादल छा जा रहे हैं। शाम होते ही रिमझिम बरसात शुरू हो जा रही है। घंटा- दो घंटा बारिश होने के बाद फिर बंद होने के दो चार घंटे बाद फिर रात में बरसात होने लग रही है। इसके चलते दो डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट आ गई है। शुक्रवार को बारिश होती रही। शनिवार को भी बादलों के छाये रहने के आसार दिख रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के चलते वाराणसी एवं आसपास के इलाकों में बरसात हो रही है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल रही है। शुक्रवार को भोर से ही तेज हवाओं के चलने से लोग सिरहन महसूस कर रहे थे। शुक्रवार को 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। तेज हवा के झोकों ने मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल दिया है।
आज भी काले बादलों के बीच बूंदाबांदी जारी
शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए रहे और रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। बारिश और बादलों के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शहर का तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की रफ्तार 23 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची, जबकि वातावरण में नमी 97 प्रतिशत बनी रही। मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र का असर उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है।
इसके प्रभाव से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर तक वाराणसी में बारिश के आसार बने हुए हैं। इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हो सकती है।
उधर, बारिश के बावजूद वाराणसी में गंगा का जलस्तर पिछले दिनों की तुलना में घट रहा है। जलस्तर कम होने के साथ ही कई घाटों पर बाढ़ का पानी पीछे हटने लगा है। निचले हिस्सों में जमा सिल्ट और गाद हटाने का काम भी जारी है। हालांकि कई घाटों पर अब भी कीचड़ और गाद जमा होने से आवाजाही पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है।
