वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से जुड़े छात्रों का विरोध-प्रदर्शन शनिवार को लगातार 11वें दिन भी जारी रहा। केंद्रीय कार्यालय के बाहर चल रहे धरने के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और चीफ प्रॉक्टर के प्रतीकात्मक पुतलों का दहन किया। प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और पीएसी के जवानों की भी तैनाती की गई।
पुतला लेकर केंद्रीय कार्यालय के बाहर पहुंचने पर कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के दो सदस्यों ने छात्रों को पुतला ले जाने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान छात्रों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बावजूद छात्रों ने पुतलों का दहन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे।
कुलपति के गुजरने पर छात्रों ने की नारेबाजी
शाम करीब पांच बजे कुछ छात्र जी गेट के सामने धरने पर बैठे थे। इसी दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति वहां से गुजरे। छात्रों ने उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया और न ही उन्हें घेरा। छात्रों ने दूरी से ही नारे लगाते हुए अपनी मांगों पर ध्यान देने और समाधान की दिशा में कार्रवाई करने की अपील की।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कई दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। धरने में बीएचयू के अलग-अलग विभागों के छात्र भी शामिल रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाई गईं मांगें
एबीवीपी कार्यकर्ता पुनीत मिश्रा ने बताया कि आंदोलन की प्रमुख मांगों में विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है। छात्रों के मुताबिक परिसर के कई हिस्सों में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। ऐसे स्थानों पर रोशनी बढ़ाने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कर उन्हें प्रभावी तरीके से संचालित करने की मांग की गई है।
पुनीत मिश्रा ने चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग भी दोहराई। उनका आरोप है कि देर रात हॉस्टलों में छापेमारी जैसी कार्रवाई से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। छात्रों ने ऐसी कार्रवाई के लिए स्पष्ट नियम और व्यवस्था बनाए जाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ छात्रों के खिलाफ कमेटियां गठित कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। छात्रों ने ऐसी कमेटियों को खत्म करने की मांग की है। उनका कहना है कि सुरक्षा और छात्र हित से जुड़े मामलों में विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

मांगों पर निर्णय तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन के मुताबिक केंद्रीय कार्यालय के बाहर छात्र 11 दिनों से धरना दे रहे हैं, लेकिन अब तक विश्वविद्यालय के किसी बड़े अधिकारी ने उनकी समस्याओं पर विस्तृत बातचीत नहीं की है।
उन्होंने कहा कि कई अधिकारी धरना समाप्त करने की अपील कर रहे हैं, लेकिन छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय के बिना आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। छात्र नेताओं ने दोहराया कि सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था और चीफ प्रॉक्टर से संबंधित मांगों पर कार्रवाई होने तक धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर कराने और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन से ठोस कार्रवाई कराना है।
