वाराणसी (रणभेरी): ओडिशा के पारादीप पोर्ट से करीब 200 टन वजनी विशाल वेसल लेकर निकला बहुचर्चित ‘बाहुबली ट्रक’ अब वाराणसी पहुंच गया है। बेल्जियम से लाए गए इस भारी-भरकम वेसल को विशेष मॉड्यूलर ट्रेलर के जरिए सड़क मार्ग से लखीमपुर खीरी ले जाया जा रहा है। झारखंड और बिहार से होते हुए काफिला चंदौली के रास्ते उत्तर प्रदेश में दाखिल हुआ और अब वाराणसी की सीमा में पहुंच चुका है।
डाफी टोल प्लाजा के पास काफिले को कुछ समय के लिए रोके जाने की तैयारी है। इसके बाद मंगलवार सुबह इसे नेशनल हाईवे से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रस्तावित मार्ग के अनुसार काफिला राजातालाब और हरहुआ रिंग रोड होते हुए गाजीपुर की सीमा में प्रवेश करेगा।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल, देखने उमड़ी भीड़
विशालकाय ट्रक की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद इसे देखने के लिए लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। वाराणसी हाईवे पर जैसे ही इसके गुजरने की सूचना लोगों को मिल रही है, आसपास के साथ-साथ दूर-दराज के इलाकों से भी लोग मौके पर पहुंच रहे हैं।

जौनपुर से वाराणसी पहुंचे सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर इस ट्रक की कई वीडियो देखी थीं। जब उन्हें जानकारी मिली कि काफिला वाराणसी से होकर आगे जाएगा, तो वह इसे अपनी आंखों से देखने के लिए यहां पहुंच गए। इसी तरह चंदौली के महेश यादव भी ट्रक पर लदे विशाल वेसल को देखने पहुंचे।
20 मॉड्यूलर ट्रॉलियों से तैयार हुआ ट्रेलर
इस भारी परिवहन काफिले की सबसे बड़ी खासियत इसका मॉड्यूलर ट्रेलर है। करीब 20 ट्रॉलियों को आपस में जोड़कर इसे तैयार किया गया है। पूरे संयोजन में कुल 308 पहिए बताए जा रहे हैं।
ट्रेलर में लगे पहियों की दिशा को जरूरत के मुताबिक बदला जा सकता है। इससे लंबे और भारी काफिले को मोड़ने तथा अपेक्षाकृत सीमित जगहों से निकालने में मदद मिलती है। इसी विशेष तकनीक के कारण इसे आम भारी वाहनों से अलग माना जा रहा है।

100 फीट लंबा और 20 फीट से ज्यादा ऊंचा वेसल
ट्रक पर शुगर मिल में इस्तेमाल होने वाला विशाल औद्योगिक वेसल रखा गया है। इसकी लंबाई लगभग 100 फीट और ऊंचाई 20 फीट से अधिक बताई जा रही है। वेसल का वजन करीब 200 टन है।
इतने बड़े औद्योगिक उपकरण को सड़क मार्ग से ले जाना सामान्य परिवहन से कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है। इसी वजह से पूरे रूट का पहले से सर्वे करने के साथ रास्ते में आने वाली बाधाओं को ध्यान में रखकर काफिले को आगे बढ़ाया जा रहा है।
ओवरब्रिज और सड़क व्यवस्था में किए जा रहे बदलाव
वाराणसी में काफिले की सुरक्षित आवाजाही के लिए सड़क और यातायात व्यवस्था में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। डाफी टोल प्लाजा के आसपास भी जरूरी निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
वेसल की ऊंचाई को देखते हुए हरहुआ रिंग रोड और वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर आने वाले कुछ बड़े अवरोधों को हटाने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों और संबंधित टीम का प्रयास है कि निर्धारित मार्ग पर काफिले को बिना किसी नुकसान के आगे निकाला जा सके।
14 वाहनों और करीब 40 विशेषज्ञों की टीम साथ
काफिले के साथ करीब 14 अतिरिक्त वाहन और लगभग 40 लोगों की टीम चल रही है। टीम में सिविल, मैकेनिकल और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
बताया गया कि काफिले के रूट का सर्वे करीब एक साल पहले किया गया था। हालांकि, इसके बाद कुछ स्थानों पर नए पुल और अन्य निर्माण कार्य होने से रास्ते में नई चुनौतियां सामने आई हैं। काफिले के साथ ऊंचाई से जुड़े काम के लिए विशेष वाहन, दो जेसीबी, दो हाइड्रा, दो ट्रेलर, क्रेन और तकनीकी टीम के वाहनों को शामिल किया गया है।
टीम की कोशिश है कि सभी बाधाओं को पार करते हुए काफिला नवरात्र से पहले अपने गंतव्य तक पहुंच जाए। फिलहाल वाराणसी से आगे गाजीपुर और फिर लखीमपुर खीरी तक पहुंचने के लिए काफिला निर्धारित रूट पर आगे बढ़ेगा।
