वाराणसी (रणभेरी): साइबर अपराधी अब लोगों को डराकर उनकी गाढ़ी कमाई हड़पने के लिए आभासी हिरासत का सहारा ले रहे हैं। इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन नवीन अरोरा ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो कॉल के जरिए गिरफ्तारी का दावा करने वाले लोगों के झांसे में न आएं और किसी भी दबाव में धनराशि न भेजें।
पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग खुद को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), आयकर विभाग या पुलिस का अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। इसके बाद वे किसी गंभीर आपराधिक मामले में नाम आने की बात कहकर पीड़ित को भयभीत करते हैं। कई बार धनशोधन, मादक पदार्थों की तस्करी या कर चोरी जैसे मामलों का हवाला देकर गिरफ्तारी और परिवार को परेशानी में डालने की धमकी दी जाती है।
ठग वीडियो कॉल के दौरान पीड़ित को लगातार अपने सामने बने रहने और किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करने का दबाव बनाते हैं। इस तरह मानसिक तनाव पैदा कर उनसे रुपये अपने बताए खातों में जमा करा लिए जाते हैं। पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि ऐसी गतिविधियां साइबर ठगी का तरीका हो सकती हैं।
पुलिस की अपील, डरकर न उठाएं कोई कदम
एडीजी की ओर से जारी चेतावनी में स्पष्ट किया गया है कि वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने या मामला निपटाने के नाम पर पैसे मांगने की बात पर भरोसा न करें। सरकारी एजेंसियों के नाम का इस्तेमाल कर डराने वाले अनजान लोगों की पहचान की पुष्टि जरूरी है।
अनजान कॉल पर निजी जानकारी साझा न करें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अज्ञात नंबर से आई वीडियो कॉल पर खुद को कानूनी हिरासत में न समझें। घबराने के बजाय परिवार के सदस्यों या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें। बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड और अन्य गोपनीय विवरण किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं।
यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर रुपये मांगता है, तो भुगतान करने से बचें। ठगी से संबंधित फोन नंबर, संदेश, स्क्रीनशॉट और लेन-देन के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें, ताकि जांच में मदद मिल सके।
साइबर ठगी होने पर यहां करें शिकायत
यदि कोई व्यक्ति इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो उसे बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जागरूक रहें, अपुष्ट धमकियों से न घबराएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें।
