(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक्सपो सेंटर में शुक्रवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोल्फ कार्ट से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनी में लगे विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और वहां प्रदर्शित उत्पादों की जानकारी ली। मंच पर भी दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इसके बाद अमित शाह ने ट्रेड शो का औपचारिक उद्घाटन किया।
29 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में इस बार कई देशों की भागीदारी देखने को मिल रही है। जापान, रूस, वियतनाम, ऑस्ट्रिया, सिंगापुर और बेलारूस को पार्टनर देश के तौर पर शामिल किया गया है। आयोजकों के मुताबिक 85 देशों से 600 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की उम्मीद है।

ट्रेड शो में इस बार उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक वाहन, डिफेंस, आईटी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों की कंपनियां भी अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं। करीब 2,500 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। आयोजन के दौरान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन क्यूजीन’ के तहत प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजन और स्थानीय खान-पान की विविधता भी लोगों के सामने रखी जाएगी। पांच दिनों तक सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
आयोजकों ने इस संस्करण में करीब दो लाख करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना जताई है। बड़ी संख्या में कारोबारियों और आम दर्शकों के पहुंचने की भी उम्मीद है।

शाह ने कानून-व्यवस्था को बताया निवेश की अहम शर्त
उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के संदर्भ में राज्य में हुए एमओयू का भी उल्लेख किया।
शाह ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर निवेशकों के बीच आशंका रहती थी। उनके अनुसार, वर्ष 2013 में आयोजित इन्वेस्टर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान परिस्थितियां ऐसी थीं कि निवेशक उत्तर प्रदेश आने से हिचकते थे। अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण निवेश के लिए वातावरण बदला है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास बड़ी आबादी, पर्याप्त भूमि, कुशल कारीगर और उद्योगों के लिए जरूरी संसाधन हैं। उनके मुताबिक बेहतर कानून-व्यवस्था निवेश आकर्षित करने की महत्वपूर्ण शर्त है।

दीनदयाल उपाध्याय और मेक इन इंडिया का किया उल्लेख
अमित शाह ने 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यापार और कृषि से जुड़े उनके विचारों ने आगे की आर्थिक सोच को प्रभावित किया और बाद में अटल बिहारी वाजपेयी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की नीतियों को दिशा मिली।
उन्होंने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को देश में विनिर्माण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने वाले प्रयासों से जोड़ते हुए कहा कि यह आयोजन ‘मेक इन इंडिया’ की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम है। शाह ने कहा कि आने वाले समय में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरणा लेकर देश के विकास में योगदान देंगे।
योगी बोले- यूपी में क्षमता की कमी नहीं थी, पहचान की जरूरत थी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हुनर और संभावनाओं की कभी कमी नहीं रही, लेकिन लंबे समय तक स्थानीय कारीगरों और पारंपरिक उद्योगों को उचित मंच नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक दौर में हस्तशिल्प, बुनकरी और दूसरे पारंपरिक व्यवसायों को नुकसान पहुंचा, जिसका असर नई पीढ़ी पर भी पड़ा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारोबार को नई पहचान देने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, कनेक्टिविटी, कौशल विकास और टूल किट जैसी पहलों के जरिए स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के उत्पाद अब देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी जगह बना रहे हैं। उनके मुताबिक अलग-अलग देशों के खरीदार प्रदेश की उत्पाद गुणवत्ता और सप्लाई चेन को लेकर रुचि दिखा रहे हैं।
79 उत्पादों को जीआई टैग मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग मिल चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान से जुड़े कई उत्पाद अब बड़े कारोबार का हिस्सा बन चुके हैं।
योगी आदित्यनाथ के अनुसार, इस साल ट्रेड शो में कई देशों के खरीदार और प्रदर्शक शामिल हो रहे हैं। उन्होंने तकनीक, निवेश और जॉइंट वेंचर के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
ओडीओपी को बताया प्रदेश की आर्थिक ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी ताकत उसके पारंपरिक उद्यम हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ के जरिए इन्हें संगठित बाजार और नई पहचान देने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने से कारीगरों, किसानों, एमएसएमई और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो को उत्तर प्रदेश के स्थानीय हुनर और वैश्विक बाजार के बीच संपर्क स्थापित करने वाला मंच बताया।
