(रणभेरी): लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार देर रात प्रतापगढ़ में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में करीब 100 साल पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि परिवार का एक सदस्य गंभीर रूप से घायल होकर बच गया।
मृतकों में परिवार के मुखिया प्रमोद श्रीवास्तव (60), उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव (55), छोटा बेटा नितिन (25), बहू माधुरी (23) और माधुरी के दो मासूम बेटे माधव (2) और अद्विक (10 माह) शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम फैल गया।
रात दो बजे अचानक गिरी छत
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात गर्मी और उमस के कारण परिवार के सभी सात सदस्य घर के एक कमरे में लगे एसी के पास सो रहे थे। रात करीब दो बजे अचानक कमरे की कमजोर छत गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि परिवार के लोगों को संभलने या मदद के लिए आवाज लगाने तक का मौका नहीं मिला।
छत गिरने के बाद कमरे में मौजूद सभी लोग मलबे के नीचे दब गए। परिवार का बड़ा बेटा अमन (28) कमरे के एक किनारे पर सो रहा था। वह किसी तरह मलबे से निकलने में कामयाब रहा और उसने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।

दो घंटे तक चला बचाव अभियान
अमन की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस, दमकल और राहत टीम घटनास्थल पर पहुंची। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला गया।
सभी घायलों और पीड़ितों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मलबे में दबने और दम घुटने के कारण उनकी जान गई।
परिवार में सिर्फ अमन बचा
इस हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया। सात सदस्यों वाले परिवार में अब केवल बड़ा बेटा अमन जीवित है। अमन का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मकान काफी पुराना और कमजोर हो चुका था। लगातार बारिश के कारण इसकी हालत और खराब हो गई थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

प्रशासन ने दी आर्थिक मदद
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर राहत और बचाव कार्य की जानकारी ली।
डीएम ने बताया कि हादसा बेहद दुखद है। पीड़ित परिवार को शासन की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि परिवार के लिए 26 लाख रुपये की सहायता राशि भेजी जा रही है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण के लिए सहायता राशि स्वीकृत हो चुकी थी और जल्द ही उन्हें इसका लाभ मिलने वाला था। लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया।
मुख्यमंत्री ने लिया घटना का संज्ञान
प्रतापगढ़ की घटना का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रयागराज मंडल के एडीजी ज्योति नारायण और आईजी अजय कुमार मिश्रा घटनास्थल पहुंचे और अधिकारियों से राहत कार्य की जानकारी ली।प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं, पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
