राधाष्टमी पर बरसाना में उमड़ा आस्था का सैलाब, कमल पर प्रकट हुईं राधारानी; जयकारों से गूंजा श्रीजी मंदिर

राधाष्टमी पर बरसाना में उमड़ा आस्था का सैलाब, कमल पर प्रकट हुईं राधारानी; जयकारों से गूंजा श्रीजी मंदिर

30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब; 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात, ड्रोन-कैमरों से निगरानी

(रणभेरी): बरसाना में शनिवार को राधारानी का जन्मोत्सव आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। सुबह चार बजे श्रीजी मंदिर में कमल के फूल पर राधारानी के प्रकट होने के साथ ही मंदिर परिसर जय श्रीराधे के जयकारों से गूंज उठा। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पुजारियों ने ढोल-नगाड़े बजाकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। इसके बाद दूध, दही, घी, बूरा और शहद से राधारानी का अभिषेक किया गया।

राधाष्टमी के अवसर पर बरसाना में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। राधारानी के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जुटी है। महिलाएं सखी के रूप में सजकर बधाई देने पहुंच रही हैं। दर्शन के बाद श्रद्धालु भक्ति में झूमते और सेल्फी लेते नजर आए। राधारानी के 5254वें जन्मोत्सव पर करीब 30 लाख श्रद्धालुओं के बरसाना पहुंचने की संभावना है।

राधाष्टमी पर बरसाना में उमड़ा आस्था का सैलाब, कमल पर प्रकट हुईं राधारानी; जयकारों से गूंजा श्रीजी मंदिर

दूध-दही और केसर उड़ाकर मनाया उत्सव

जन्मोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में गोस्वामी पीले वस्त्र पहनकर एक-दूसरे और श्रद्धालुओं पर दूध-दही व केसर उड़ाते नजर आए। भक्ति में डूबे श्रद्धालु नाचते-झूमते और एक-दूसरे के गले मिलकर राधारानी के जन्म की बधाई दे रहे हैं। पूरे मंदिर परिसर में हाथ उठाकर राधारानी और बांके बिहारी के जयकारे गूंज रहे हैं।

राधाष्टमी पर मथुरा के प्रमुख मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। वृंदावन में भगवान बांके बिहारी लाल का राधारानी के स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया है।

दधीकांधा और शोभायात्रा मुख्य आकर्षण

बरसाना में दोपहर में दधीकांधा का आयोजन होगा। शाम सात बजे गौड़िया मठ, महावन और गोवर्धन से चाव और बधाई गायन किया जाएगा। इसके बाद राधावल्लभ मंदिर से बड़े रास मंडल तक शोभायात्रा निकाली जाएगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राधाष्टमी को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। बरसाना में करीब तीन हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। CCTV कैमरों और ड्रोन के जरिए मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यूपी रोडवेज की 160 विशेष बसें संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए 12 मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं।

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