पत्नी प्रताड़ना से त्रस्त इंजीनियर ने की इहलीला समाप्त, लिखा 24 पन्ने का सुसाइड नोट, बनाया एक घंटे का वीडियो

(रणभेरी): आत्महत्या करने वाले अतुल सुभाष एक इंजीनियर थे। वह बेंगलुरु में निजी कंपनी के 34 वर्षीय उप महाप्रबंधक रूप में कार्यरत थे। इंजीनियर अतुल सुभाष पर फैमिली कोर्ट में भरण पोषण, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और तलाक के चार मामले चल रहे थे। वह हर तारीख पर बंगलूरू से जौनपुर आते थे। दूसरी तरफ, अदालत के आदेश पर अतुल सुभाष हर महीने बेटे के भरण पोषण के लिए 40 हजार रुपये दे रहे थे। यह स्थिति तब थी, जब अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया की मासिक सैलरी 78 हजार रुपये है।
इंजीनियर अतुल सुभाष ने सुसाइड करने से एक घंटे पहले सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर साझा किया। उन्होंने पत्नी निकिता सिंघानिया, सास, साले और उनके मामले की सुनवाई कर रही जज पर भी गंभीर आरोप लगाए।वीडियो संदेश के जरिये बताया कि जौनपुर की फैमिली कोर्ट में पत्नी सदर कोतवाली के मोहल्ला रुहट्टा निवासी निकिता सिंघानिया ने चार मुकदमे दर्ज कराए थे। आरोप लगाया था कि 26 जून 2019 को उसकी शादी अतुल मोदी से हुई थी। विवाह के बाद से ही ससुराल के लोग 10 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे।मधारेटोला निवासी निकिता सिंघानिया ने वर्ष 2022 में पति अतुल के खिलाफ सदर कोतवाली में उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस से होते हुए यह मामला न्यायालय तक पहुंच गया। उन्होंने 24 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है।
अतुल सुभाष हर महीने बेटे के भरण पोषण के लिए दे रहे थे 40 हजार रुपये
निकिता का कहना है कि अतुल मोदी बंगलूरू में एक कंपनी में इंजीनियर है। वह सालाना 40 लाख रुपये वेतन पाता है। निकिता ने 16 जनवरी 2022 को अपने और बेटे के लिए दो लाख रुपये प्रतिमाह भरण पोषण की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में मामला दर्ज कराया था, जबकि निकिता की ही सैलरी अच्छी खासी है। कोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को पत्नी के संबंध में भरण पोषण का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। साथ ही अतुल को आदेश दिया कि वह बेटे के भरण पोषण के लिए हर महीने 40 हजार रुपये दे। दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में भी अतुल सुभाष मोदी ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत कराई थी। घरेलू हिंसा का मुकदमा अभी चल रहा है। मामले की अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होनी थी।