बीएचयू के 104वां दीक्षांत समारोह में 544 मेधावियों को मिले मेडल

बीएचयू के 104वां दीक्षांत समारोह में 544 मेधावियों को मिले मेडल

वाराणसी (रणभेरी): काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में आज 104वां दीक्षांत समारोह मनाया गया है। इस समारोह में 30 मेधावियों को गोल्ड मेडल और उपाधि से नवाज़ा गया है। दीक्षांत समारोह का मुख्य कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में भवन सभागार में सुबह 9:30 बजे से आयोजित किया गया है। यूजी के लिए प्रज्ञा प्रधान और पीजी के लिए ईशान घोष को चांसलर मेडल दिया गया। 544 मेडल और 14 हजार से ज्यादा छात्र और छात्राओं को उपाधियां अगले तीन दिनों में दी जाएंगी। इस समारोह के मुख्य अतिथि सुरक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र के जाने-माने हस्ती जय चौधरी शामिल हैं। 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय शैक्षणिक माहौल के साथ-साथ अपनी परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। दीक्षांत समारोह के दिन छात्र -छात्राएं पारंपरिक परिधान में नजर आते हैं। वहीं इस दिन को लेकर छात्र -छात्राएं उत्साहित रहते हैं कि उनके BHU से पढ़ाई पूरा करने का अवसर मिला। इस बार BHU ने  डिग्री में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि कोई भी इस डिग्री का दुरुपयोग ना कर पाए। 

मुख्य अतिथि और विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र जय चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि जब मैंने हाईस्कूल पूरा किया तो आईआईटी के बारे में जानता भी नहीं था। 1977 में गांव से आकर पहली बार काशी हिंदू विश्वविद्यालय ऐसा  कैंपस देखा। ग्रामर, इंग्लिश और कम्युनिकेशन सब कुछ गड़बड़ था। यहां पर गणित और रसायन विज्ञान पढ़ पढ़ कर अंग्रेजी सुधारी। जय चौधरी नेकहा कि अमेरिका जाकर आईबीएम में ज्वाइन किया। टाटा ने 200 डॉलर स्कॉलरशिप दी। मुझे अमेरिका में काम करने का अवसर बीएच यू की ही वजह से मिला। उन्होंने अपने दीक्षांत भाषण में कहा कि बीएचयू से पहले गांव में जब हाई स्कूल पास किया तो हेड मास्टर से पूछा मैं आगे की पढ़ाई को जारी रखने के लिए किताबों को खरीदने में सक्षम नहीं हूं। उन्होंने कहा कि मैं मदद करूंगा। शिक्षा के साथ बुनियादी मदद भी जरूरी है। डिग्री के बजाय सीखने पर फोकस होना चाहिए। सिनसिनेटी में सॉफ्टवेयर स्टार्टअप पर छोटी सी शुरुआत की।