फालता हिंसा मामले में TMC नेता की पत्नी गिरफ्तार, पुलिस पर हमले और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश का आरोप

फालता हिंसा मामले में TMC नेता की पत्नी गिरफ्तार, पुलिस पर हमले और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश का आरोप

(रणभेरी): पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फालता क्षेत्र में पुलिस थाने के बाहर हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विवादित नेता जहांगीर खान की पत्नी सरीना बीबी (37) को गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने समर्थकों को इकट्ठा कर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन करवाया और पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों पर हमले के लिए भीड़ को उकसाया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 16 जून को फालता थाने के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए और सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। आरोप है कि इस दौरान भीड़ ने गिरफ्तार किए गए जहांगीर खान को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की भी कोशिश की। इस मामले में अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई अन्य की पहचान की जा रही है।

फालता हिंसा मामले में TMC नेता की पत्नी गिरफ्तार, पुलिस पर हमले और आरोपी को छुड़ाने की कोशिश का आरोप

नेपाल सीमा के पास पकड़ा गया था जहांगीर

जहांगीर खान को 8 जून को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह कथित रूप से देश छोड़ने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे नेपाल सीमा के नजदीक से हिरासत में लिया था। गिरफ्तारी के बाद उसे कई बार फालता क्षेत्र में ले जाया गया, जहां पुलिस की मौजूदगी में उसकी सार्वजनिक पहचान परेड कराई गई।

इस दौरान सामने आए वीडियो में जहांगीर लोगों के सामने कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखाई दिया। यह दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बन गया था।

विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा में आया था नाम

फालता विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार रहे जहांगीर खान का नाम चुनावी माहौल में काफी सुर्खियों में रहा। मतदान से पहले वह अचानक चुनावी गतिविधियों से दूर हो गया था। चुनाव प्रचार के दौरान उसने अपनी छवि लोकप्रिय फिल्म “पुष्पा” के किरदार की तरह प्रस्तुत करने की कोशिश की थी और कई सभाओं में फिल्म का चर्चित संवाद भी दोहराया था।

एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान उसकी एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से तीखी बहस भी हुई थी, जिसके बाद वह राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

मतदान में गड़बड़ियों के आरोप

फालता क्षेत्र में 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान अनियमितताओं और हिंसा के आरोप लगे थे। शिकायतों के बाद निर्वाचन आयोग ने मतदान रद्द कर दिया था और 21 मई को पुनर्मतदान कराया गया। दोबारा मतदान से करीब 48 घंटे पहले जहांगीर खान ने चुनावी दौड़ से खुद को अलग कर लिया था।

हालांकि चुनाव परिणाम आने पर भाजपा उम्मीदवार ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की। इसके बाद जहांगीर सार्वजनिक जीवन से लगभग गायब हो गया। न तो वह अपने निवास पर दिखाई दिया और न ही पार्टी कार्यालय में।

कई आपराधिक मामलों का सामना

फालता पुलिस स्टेशन में जहांगीर खान के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। आरोपों में अवैध वसूली, धमकी, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार तथा गंभीर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप शामिल हैं। इन मामलों के बीच जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसने अदालत से अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी मांगी और गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग करते हुए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उसका दावा था कि राजनीतिक कारणों से उसके खिलाफ लगातार नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

फालता थाने पर हुए हमले की घटना के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया। प्रशासन को निर्देश दिया गया कि हिंसा और प्रदर्शन से जुड़े सभी वीडियो फुटेज की जांच की जाए। वीडियो में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।

पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

चुनाव बाद TMC नेताओं के खिलाफ बढ़ा जनाक्रोश

पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में कई तृणमूल कांग्रेस नेताओं को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा है। विभिन्न जिलों से सामने आए घटनाक्रमों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।

  1. स्थानीय नेता का सिर मुंडवाकर कराया जुलूस

हावड़ा जिले के एक गांव में ग्रामीणों ने एक स्थानीय TMC नेता पर सरकारी योजनाओं के नाम पर धन उगाही का आरोप लगाया। नाराज लोगों ने उसका सिर मुंडवाया और जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर उसे भीड़ से बाहर निकाला।

  1. भीड़ से बचने के लिए साड़ियों के ढेर में छिपे नेता

एक अन्य मामले में हावड़ा के एक TMC नेता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह कथित रूप से लोगों के गुस्से से बचने के लिए साड़ियों के ढेर के नीचे छिपे दिखाई दिए।

  1. गिरफ्तार पार्षद के वाहन पर विरोध

कोलकाता में एक गिरफ्तार पार्षद को अदालत ले जाते समय प्रदर्शनकारियों ने उसकी गाड़ी पर अंडे फेंके। थाने के बाहर भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्षद पर रंगदारी और धमकी सहित कई आरोप लगाए गए हैं।

  1. आवास योजना में कथित वसूली का मामला

दक्षिण 24 परगना जिले के नामखाना क्षेत्र में एक पंचायत प्रतिनिधि का वीडियो सामने आया, जिसमें वह लोगों को पैसे लौटाता दिखाई दिया। आरोप था कि सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लाभार्थियों से धन लिया गया था।

  1. विधायक की कार पर फेंके गए अंडे

कमरहाटी इलाके में एक TMC विधायक की कार पर प्रदर्शनकारियों ने अंडे फेंके। विरोध कर रहे लोगों ने कथित “कट मनी” वापस करने की मांग की। विधायक ने बाद में कहा कि घटना के समय वह वाहन में मौजूद नहीं थे।

राजनीतिक माहौल गरम

फालता हिंसा प्रकरण और चुनाव बाद सामने आए विरोध प्रदर्शनों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्ष राज्य सरकार और सत्तारूढ़ दल को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेर रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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