पटना कोचिंग फायरिंग केस: खान सर की अग्रिम जमानत पर कल सुनवाई, गार्ड्स की बेल पर 10 जून को फैसला

पटना कोचिंग फायरिंग केस: खान सर की अग्रिम जमानत पर कल सुनवाई, गार्ड्स की बेल पर 10 जून को फैसला

(रणभेरी): राजधानी पटना में 2 जून की रात हुए कथित फायरिंग मामले ने अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मोड़ ले लिया है। इस घटना से जुड़े प्रमुख पक्षों की ओर से अदालत में लगातार याचिकाएं दायर की जा रही हैं, जबकि पुलिस जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

इसी क्रम में कोचिंग संस्थान चलाने वाले चर्चित शिक्षक खान सर की ओर से सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई। इस याचिका पर मंगलवार को सुनवाई निर्धारित है। वहीं, इस प्रकरण में शामिल बताए जा रहे दो निजी सुरक्षा गार्डों ने भी जमानत के लिए आवेदन किया है, जिस पर आज बहस हुई।

पटना कोचिंग फायरिंग केस: खान सर की अग्रिम जमानत पर कल सुनवाई, गार्ड्स की बेल पर 10 जून को फैसला

कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष के वकील ने दोनों गार्ड्स की जमानत का कड़ा विरोध किया। उनका तर्क था कि घटना किसी आकस्मिक स्थिति में नहीं, बल्कि कथित रूप से जानबूझकर अंजाम दी गई थी, इसलिए इसे भीड़ नियंत्रण की सामान्य फायरिंग नहीं माना जा सकता।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों गार्ड्स की केस डायरी और आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंधित दस्तावेज तलब किए हैं। अब इस याचिका पर आगे की सुनवाई 10 जून को होगी। इसी तरह एक अन्य आरोपी रौशन आनंद की जमानत पर भी मंगलवार को अदालत अपना निर्णय सुनाएगी।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सुरक्षा गार्ड्स के बयान के आधार पर खान सर के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित रूप से खान सर ने गार्ड्स को फायरिंग के लिए निर्देश दिए थे, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया में है।

घटना 2 जून की रात की बताई जा रही है, जब पटना स्थित कोचिंग परिसर में अचानक तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई थी। इसी दौरान सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग किए जाने के वीडियो भी सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में खान सर से भी पूछताछ की गई।

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इधर, मामले के बीच कोचिंग संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। राज्य अग्निशमन विभाग की टीम ने जांच में पाया कि संस्थान में फायर सेफ्टी मानकों को लेकर कई खामियां मौजूद हैं। विभागीय अधिकारियों ने पहले ही नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि आवश्यक सुधार कार्य संतोषजनक नहीं हैं।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जून तक सभी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो कोचिंग संस्थान पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें संचालन पर रोक या सीलिंग की कार्रवाई भी शामिल है।

मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक पारिवारिक सदस्य की ओर से खान सर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें उन्हें लेकर कठोर टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि वे बच्चों को गुमराह कर रहे हैं और संस्थान के संचालन में पारदर्शिता की कमी है। हालांकि ये आरोप निजी बयान के रूप में सामने आए हैं और इनकी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया से होना बाकी है।

पुलिस प्रशासन ने इस मामले को लेकर छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ बातों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

उधर, घटना के बाद सामने आए एक वीडियो संदेश में खान सर ने दावा किया था कि स्थिति के दौरान उनके सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी, क्योंकि मौके पर भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस समय पर नहीं पहुंच सकी थी। उन्होंने यह भी कहा कि गार्डों की जिम्मेदारी संस्थान और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है।

इसी बीच कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों के बीच भी इस पूरे प्रकरण को लेकर चर्चा तेज है। संस्थान की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि संचालन प्रभावित होता है तो इसका सीधा असर छात्रों की फीस और शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ेगा।

फिलहाल, पूरा मामला अदालत की निगरानी और पुलिस जांच के दायरे में है। आने वाले दिनों में जमानत और अन्य याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई से इस प्रकरण की दिशा तय होने की संभावना है।

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