(रणभेरी): शुक्रवार सुबह नोएडा के सेक्टर-75 स्थित एक बहुमंजिला रिहायशी सोसाइटी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 28 मंजिला इमारत के 12वें फ्लोर पर अचानक आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और फ्लैट की खिड़कियों से ऊँची लपटें व घना काला धुआं बाहर निकलने लगा।
आग लगते ही पूरे परिसर में दहशत फैल गई। सोसाइटी के लोग घबराकर सीढ़ियों के रास्ते बाहर की ओर भागने लगे। कई लोग अचानक हुई इस घटना से भयभीत हो गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया।

हालांकि शुरुआती प्रयासों में सामने आई तकनीकी चुनौती ने काम को कठिन बना दिया। बताया गया कि जो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे थे, उनका पानी केवल लगभग छह मंजिल तक ही प्रभावी रूप से पहुंच पा रहा था, जबकि आग 12वीं मंजिल पर लगी थी। स्थिति को देखते हुए बाद में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म बुलाया गया, जिसके जरिए ऊपरी मंजिल तक पानी पहुंचाया जा सका।
करीब ढाई घंटे की लगातार मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते इमारत में लगे फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गए, जिससे आग को फैलने से रोका जा सका। एहतियात के तौर पर आसपास के टावरों को भी खाली कराया गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
इसी बीच नोएडा में एक और आग की घटना सामने आई। सेक्टर-52 स्थित शताब्दी विहार के एक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स में ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रेस्टोरेंट में अचानक आग लग गई। जांच में सामने आया कि रेस्टोरेंट में रखे फ्रीजर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग भड़की थी।

आग लगने के दौरान इमारत की ऊपरी मंजिलों पर स्थित पीजी आवास में रह रहे छात्रों समेत करीब 15 लोग फंस गए थे। दमकल और पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कुछ ही समय में आग पर भी पूरी तरह काबू पा लिया गया।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों घटनाओं में समय पर प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों के चलते बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि इन घटनाओं ने एक बार फिर ऊँची इमारतों में अग्निशमन व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फायर विभाग की ओर से बताया गया कि हाईराइज़ बिल्डिंग्स में आग बुझाने के लिए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन ऊँचाई बढ़ने के साथ चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं। विभाग ने यह भी संकेत दिया कि अधिक ऊँचाई तक पहुंचने वाले नए फायर उपकरणों की खरीद प्रक्रिया जारी है।
इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन ने सोसाइटियों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
