(रणभेरी): दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से हिंदी और मराठी सिनेमा जगत में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते हुए अभिनेता को श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने अभिनय के जरिए लंबे समय तक दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई। पीएम ने उनके जीवन और फिल्मों में सामाजिक सरोकारों को भी याद किया।
उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का व्यक्तित्व किसी एक दायरे तक सीमित नहीं रहा। फिल्मों में उन्होंने सामाजिक विसंगतियों और व्यवस्था की खामियों को प्रभावी ढंग से सामने रखा। उनकी संवाद अदायगी और अभिनय शैली ने उन्हें सिनेमा में अलग मुकाम दिलाया। प्रधानमंत्री ने अभिनेता के परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
करीब पांच दशक का शानदार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर का फिल्मी करियर लगभग पांच दशकों तक चला। उन्होंने अपने शुरुआती दौर में छोटे और सहायक किरदार निभाए, लेकिन अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर वह इंडस्ट्री के प्रमुख कलाकारों में शामिल हो गए। हिंदी के साथ-साथ उन्होंने मराठी सिनेमा में भी उल्लेखनीय काम किया।
बताया गया है कि अभिनेता ने अपने करियर में 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया। उनकी कई भूमिकाएं आज भी दर्शकों के बीच याद की जाती हैं।
तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित
नाना पाटेकर को उनके दमदार अभिनय के लिए तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। फिल्म ‘परिंदा’ (1989) में निभाए गए ‘अन्ना’ के किरदार के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
इसके बाद ‘क्रांतिवीर’ (1994) में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली और उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं, ‘अग्निसाक्षी’ (1996) के लिए भी उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। सिनेमा में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2013 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था।
निधन की खबर से प्रशंसकों में शोक
रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर की सुबह करीब 5:20 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत से लेकर उनके प्रशंसकों तक शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पुणे स्थित उनके फार्महाउस में किया जाएगा।
नाना पाटेकर ने अपने लंबे करियर में अभिनय के साथ-साथ सिनेमा के अलग-अलग क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बनाई। उनके निधन से भारतीय फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने अपनी विशिष्ट अभिनय शैली और प्रभावशाली संवाद अदायगी से दर्शकों के बीच खास जगह बनाई।
