वाराणसी (रणभेरी): हज-2026 के मुकद्दस सफर का आगाज़ हो चुका है। वाराणसी में इम्बार्केशन सेंटर हटने के बाद इस बार पूर्वांचल के 16 जिलों के हज यात्री लखनऊ एयरपोर्ट से मदीना के लिए रवाना हो रहे हैं। बुधवार से लखनऊ एयरपोर्ट से पहली उड़ान काशी के जायरीनों को लेकर मदीना के लिए रवाना होगी।
उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी के अनुसार इस बार पूर्वांचल के कुल 2366 हज यात्री इस पवित्र यात्रा पर जा रहे हैं, जिनमें केवल वाराणसी से 761 जायरीन शामिल हैं। राज्य हज कमेटी के कोऑर्डिनेटर अरमान अहमद ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और 22 अप्रैल से 3 मई तक रोजाना एक फ्लाइट मदीना के लिए संचालित होगी। वहीं 25 अप्रैल, 28 अप्रैल और 2 मई को दो-दो उड़ानें संचालित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस बार हज यात्रा के संचालन में कई अहम बदलाव किए गए हैं। यात्रियों के लिए रहने की व्यवस्था पुरुष और महिलाओं के लिए अलग-अलग होगी। साथ ही पहली बार किसी भी जायरीन को खाना बनाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें भोजन खरीदकर ही करना होगा।
अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी हज यात्रा लगभग 20 दिनों में संपन्न हो जाएगी। यात्रियों की वापसी 2 जून से शुरू होने की संभावना है, जबकि पूरा कार्यक्रम 25 से 30 मई के बीच समाप्त होगा। हज कमेटी का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सुनिश्चित की गई हैं ताकि जायरीन को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे शांतिपूर्ण ढंग से अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन कर सकें।
