(रणभेरी): अतीक अहमद के 21 वर्षीय बेटे अबान के अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कुछ ही देर में उनका जनाजा उठाया जाना है। इस दौरान प्रयागराज में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अबान के भाई अली और उमर भी जेल से पुलिस सुरक्षा के बीच प्रयागराज पहुंच चुके हैं। दोनों को जनाजे में शामिल होने की अनुमति अदालत से मिली है।
अली को झांसी जेल से और उमर को लखनऊ जेल से प्रयागराज लाया गया है। दोनों की पुलिस वैन फिलहाल कब्रिस्तान परिसर में खड़ी है। वैन के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि पूरे कब्रिस्तान और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

उमर के पहुंचते ही जुटी हजारों की भीड़
शनिवार शाम करीब साढ़े चार बजे उमर को पुलिस सुरक्षा के बीच कब्रिस्तान लाया गया। उसके वहां पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। बताया गया कि करीब 5 से 7 हजार लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए।
भीड़ ने पुलिस की बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सख्ती करने के बजाय स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने किसी तरह लोगों को संभाला और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया।
पिता अतीक की कब्र के पास होगी अबान की दफन
अबान को उसी कब्रिस्तान में उनके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास दफनाया जाएगा। इसी परिसर में परिवार के अन्य सदस्यों की भी कब्रें हैं। इनमें अबान के दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की कब्रें शामिल हैं।
अब सभी की नजरें अबान की मां शाइस्ता परवीन के जनाजे में पहुंचने को लेकर भी हैं। शाइस्ता परवीन वर्ष 2023 से फरार बताई जाती हैं। इससे पहले वह अपने पति अतीक अहमद और बेटे असद के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाई थीं।

हाईकोर्ट की अनुमति के बाद अली और उमर पहुंचे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अली और उमर को अबान के जनाजे में शामिल होने की इजाजत दी है। अदालत ने दोनों को परिवार के सदस्यों से करीब एक घंटे तक मुलाकात की अनुमति भी दी है।
मुलाकात के लिए कब्रिस्तान के पास स्थित एक मस्जिद में व्यवस्था की गई है। यहां अली और उमर की मुलाकात उनकी बुआ और भाई अहजम से कराई जाएगी। निर्धारित समय पूरा होने के बाद दोनों को पुलिस सुरक्षा में वापस संबंधित जेलों में ले जाया जाएगा।
चार साल बाद मिली पैरोल
अली और उमर को करीब चार साल बाद पहली बार पैरोल पर परिवार के सदस्य के अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर मिला है। दोनों को प्रयागराज लाने के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए।
शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे अली को झांसी जेल से पुलिस टीम प्रयागराज के लिए लेकर रवाना हुई। झांसी से प्रयागराज की दूरी करीब 400 किलोमीटर है। सुरक्षा कारणों से पुलिस वाहन को पर्दों से ढक दिया गया था, ताकि रास्ते में अली का चेहरा दिखाई न दे।
इसी तरह उमर को भी लखनऊ से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रयागराज लाया गया। दोनों भाइयों की आवाजाही के दौरान पुलिस ने रास्ते और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
कब्रिस्तान के आसपास भारी पुलिस बल
अबान के जनाजे को देखते हुए कब्रिस्तान और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। पुलिस वैन के आसपास भी अतिरिक्त जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारियों की नजर भीड़ की गतिविधियों पर बनी हुई है।
जनाजे में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। अली और उमर के परिवार से मिलने तथा जनाजे में शामिल होने के बाद वापस जेल लौटने तक सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।
