(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के बागपत, गाजियाबाद और हापुड़ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लिखे पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। पोस्टरों में अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए लिखा गया था— “सबको गाली, सबका अपमान, समाजवादी पार्टी की पहचान।” पोस्टरों में अखिलेश यादव के कथित “चवन्नी से रुपया बना दिया” वाले बयान का भी उल्लेख किया गया।
पोस्टर सामने आने की जानकारी मिलते ही तीनों जिलों में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। बागपत में कार्यकर्ताओं ने पोस्टर हटाए और जुलूस निकालकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। वहीं गाजियाबाद में पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से पोस्टर हटवा दिए। हापुड़ में भी सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर फाड़कर पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की।
बागपत में पोस्टर देख भड़के सपा कार्यकर्ता
बागपत में बुधवार सुबह दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के किनारे अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर दिखाई दिए। बताया गया कि सुबह करीब सात बजे एक सपा कार्यकर्ता की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी। उसने तत्काल पार्टी जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी और पूर्व जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान को इसकी जानकारी दी।
सूचना मिलने के बाद दोनों नेता अपने समर्थकों के साथ करीब साढ़े आठ बजे मौके पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने हाईवे किनारे लगे पोस्टरों को हटाना शुरू कर दिया। वंदना चौक से पाली गांव के बीच करीब आठ स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों को कार्यकर्ताओं ने उतरवाया।
पोस्टर हटाने के बाद सपा कार्यकर्ता जुलूस के रूप में पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर रवाना हुए। करीब 50 से 60 कार्यकर्ताओं के एसपी कार्यालय पहुंचने के बाद वहां प्रदर्शन शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एसपी कार्यालय पर पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के दौरान कुछ सपा कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय परिसर में जाने का प्रयास किया। कार्यालय के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।
बाद में पुलिस अधीक्षक सूरज राय ने सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने का आश्वासन दिया। पुलिस की ओर से करीब 48 घंटे के भीतर आरोपियों का पता लगाकर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। एसपी के आश्वासन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव के खिलाफ इस तरह के पोस्टर लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समय में पुलिस ने पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता दोबारा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

गाजियाबाद में कई जगह लगाए गए पोस्टर
गाजियाबाद में भी अखिलेश यादव के खिलाफ इसी तरह के पोस्टर सामने आने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई। बताया गया कि मोदीनगर, हापुड़ रोड समेत कई अन्य स्थानों पर रात के समय पोस्टर लगाए गए थे।
जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटवा दिए। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन की ओर से लगाए गए थे। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी है।
सपा जिलाध्यक्ष फैजल मलिक ने पोस्टर लगाए जाने के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता से विरोधी दल परेशान हैं और इसी वजह से पार्टी की छवि खराब करने के उद्देश्य से इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं।
सपा युवक सभा के राष्ट्रीय महासचिव अमन यादव ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में PDA की राजनीतिक भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। उनके मुताबिक आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विपक्षी दलों पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है और इसी कारण इस तरह की गतिविधियां सामने आ रही हैं।
सपा नेताओं ने पुलिस से मांग की कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।

हापुड़ में भी कई स्थानों पर लगे पोस्टर
हापुड़ में भी अखिलेश यादव के खिलाफ आपत्तिजनक नारे वाले पोस्टर लगाए जाने की जानकारी सामने आई। सपा नेताओं के मुताबिक शहर में करीब आठ से दस स्थानों पर पोस्टर लगाए गए थे।
पोस्टरों की जानकारी मिलने के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और उन्हें फाड़कर हटा दिया। इसके बाद करीब 20 से 25 कार्यकर्ता पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और मामले को लेकर ज्ञापन सौंपा।
सपा जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर ने पुलिस अधिकारियों से पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की। पुलिस की ओर से मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि पुलिस ने मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की तो पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

तीन जिलों में एक जैसी घटना से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
बागपत, गाजियाबाद और हापुड़ में एक ही तरह के नारे वाले पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने इसे अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की छवि खराब करने की कोशिश बताया है, जबकि अभी तक पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की आधिकारिक पहचान सामने नहीं आई है।
बागपत में मामला सबसे ज्यादा गरमाया, जहां पोस्टर हटाने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक जुलूस निकाला और प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है।
अब पुलिस के सामने पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने और यह पता लगाने की चुनौती है कि तीनों जिलों में पोस्टर किसने लगवाए और इसके पीछे क्या उद्देश्य था। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
