(रणभेरी): कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देशभर में जनसंवाद अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने गुरुवार को महाराष्ट्र के संभाजीनगर में बताया कि सितंबर महीने से ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत संगठन के सदस्य गांवों और शहरों में जाकर युवाओं, छात्रों और आम लोगों से संवाद करेंगे।
दीपके ने कहा कि देश में बेरोजगारी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलना जरूरी है। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने शिक्षा के बढ़ते खर्च पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा आज कई जगहों पर व्यवसाय का रूप ले चुकी है। CJP का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और छात्रों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर 36 दिन तक चला था प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबा आंदोलन किया था। यह प्रदर्शन 20 जून से 25 जुलाई तक लगातार 36 दिनों तक चला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और युवा आंदोलन से जुड़े।
प्रदर्शन के दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पहुंचे थे और उन्होंने आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल की थी। वहीं, 20 जुलाई को संगठन की ओर से संसद मार्च भी निकाला गया था। इस दौरान पुलिस कार्रवाई में कुछ छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने का आरोप लगाया गया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई थी।

चुनाव लड़ने वाली पार्टी नहीं बनेगी CJP
अभिजीत दीपके ने साफ किया कि कॉकरोच जनता पार्टी को चुनावी राजनीतिक दल के रूप में स्थापित करने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह संगठन लोकतांत्रिक संस्थानों और सरकारी व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में काम करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना और व्यवस्था में सुधार के लिए दबाव बनाना है।
सोशल मीडिया अभियान से शुरू हुई थी CJP की शुरुआत
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्य अभियान के तौर पर हुई थी। बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हुई थी। बेरोजगार युवाओं से जुड़ी इस टिप्पणी के विरोध में अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अभिजीत दीपके ने CJP नाम से ऑनलाइन अभियान शुरू किया।
धीरे-धीरे यह अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और बड़ी संख्या में छात्र इससे जुड़ने लगे। बाद में यह ऑनलाइन मुहिम एक संगठित छात्र आंदोलन के रूप में सामने आई। इसके बाद CJP ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलन शुरू किया और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई। अब संगठन सितंबर से देशभर में जनसंवाद अभियान के जरिए युवाओं और आम जनता तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है।
