वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी शहर में 16 जुलाई को हुए बहुचर्चित चांदी लूटकांड के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार देर रात लंका थाना क्षेत्र के लौटुबीर इलाके में पुलिस और एसओजी टीम की बदमाशों से आमने-सामने मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जबकि एसओजी प्रभारी गौरव कुमार भी बदमाशों की गोली लगने से घायल हो गए। तीनों घायलों को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस के अनुसार घायल दोनों आरोपी 16 जुलाई को चौक थाना क्षेत्र में हुई करीब 27 किलो चांदी की लूट की घटना में शामिल थे। उनके कब्जे से करीब चार किलो चांदी और कुछ नकदी भी बरामद की गई है। पुलिस अब आरोपियों के स्वस्थ होने के बाद उनसे पूछताछ कर पूरे गिरोह के बारे में जानकारी जुटाएगी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने की घेराबंदी
जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात एसओजी प्रभारी गौरव कुमार और चौक थाना प्रभारी दिलीप कुमार मिश्रा सावन ड्यूटी समाप्त करने के बाद लूटकांड की जांच को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चांदी लूट मामले के दो आरोपी लूटे गए माल के साथ लंका थाना क्षेत्र के लौटुबीर इलाके में मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस ने संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार सवार बदमाशों ने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल
अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिससे वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े। वहीं बदमाशों की एक गोली एसओजी प्रभारी गौरव कुमार के हाथ में लग गई।
घटना के बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घायल एसओजी प्रभारी के साथ उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां तीनों का उपचार जारी है।

चार किलो चांदी और नकदी बरामद
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से लूट की करीब चार किलो चांदी बरामद हुई है। इसके अलावा कुछ नकद राशि भी मिली है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान लूटे गए बाकी माल और गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
16 जुलाई को हुई थी बड़ी वारदात
गौरतलब है कि 16 जुलाई 2026 की शाम चौक थाना क्षेत्र स्थित सर्राफा बाजार में एक बड़ी लूट की घटना सामने आई थी। हेमा ज्वेलर्स के संचालक विनय सोनी के अनुसार उनका कर्मचारी करीब 27 किलो 327 ग्राम चांदी लेकर महालक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान जा रहा था। उसके साथ दूसरी दुकान का एक कर्मचारी भी मौजूद था।
जब दोनों गोविंदपुरा मोड़ के पास पहुंचे, तभी बाइक पर आए दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की और उनके पास मौजूद झोले की तलाशी ली। झोले में चांदी होने की जानकारी मिलते ही दोनों आरोपियों ने बैग अपने कब्जे में ले लिया और कर्मचारियों से कहा कि वे दुकान मालिक को मौके पर बुलाकर लाएं।
खुद को अधिकारी बताकर दिया झांसा
कर्मचारी जब अपने मालिक को बुलाने गए, तब तक दोनों आरोपी मौके से चांदी लेकर फरार हो चुके थे। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद चौक थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

कई दिनों से चल रही थी तलाश
लूट की घटना के बाद पुलिस और एसओजी की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। आखिरकार सोमवार देर रात मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
उपचार के बाद होगी पूछताछ
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल दोनों आरोपी अस्पताल में भर्ती हैं। चिकित्सकीय अनुमति मिलने के बाद उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि लूट की घटना में कितने लोग शामिल थे और बाकी चांदी कहां छिपाई गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी और पूरे गिरोह का खुलासा करने के लिए जांच जारी है।
